पाचन5 मिनट
धनिया-जीरा पानी: रात भर भिगोएँ, सुबह छानकर घूँट लें
धनिया और जीरा रात भर पानी में भीगकर हल्का सा पानी देते हैं। सुबह छानकर वही गिलास घूँट-घूँट पिएँ। यह शांत रसोई की आदत है, दवा नहीं, और ज़बरदस्ती खत्म करने का जग भी नहीं।

धनिया-जीरा पानी सुबह क्यों छाना जाता है
धनिया और जीरा मसाले की तख्ती पर पहले से होते हैं। रात भर पानी में रहने पर ये नरम पड़ते हैं और हल्का स्वाद छोड़ते हैं। सुबह बीज छान दिए जाते हैं, ताकि गीले मसाले का चम्मच चबाने की जगह पानी का घूँट मिले।
पेट सुस्त लगे तो लोग इसे हल्की शुरुआत मानते हैं, तेज़ काढ़ा नहीं। घर की आयुर्वेद बात जीरा और धनिया को भारी खाने के बाद पाचन से जोड़ती है, पर यह गिलास सहायक ही रहता है। दर्द, बार-बार जलन, या मल में खून हो तो डॉक्टर चाहिए।
सामग्री
- एक छोटा चम्मच धनिया
- आधा छोटा चम्मच जीरा
- बीजों को रात भर ढकने के लिए पानी
बनाने की विधि
- धनिया और जीरा धोकर एक गिलास पानी में रात भर भिगो दें।
- सुबह पानी छान लें और बीज अलग रख दें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह एक छना हुआ गिलास धीरे पिएँ।
- भीगे बीज पानी के साथ न निगलें।
- बचा हुआ पानी दोपहर तक फेंक दें। पुराना भिगोया पानी न पिएँ।
मददगार आदतें
- साफ़ गिलास और ताज़ा पीने का पानी, बीज का बड़ा चम्मच से ज़्यादा मायने रखता है।
- सुबह महक बासी लगे तो फेंक दें और अगली रात नया भिगोएँ।
सावधानियाँ
- धनिया और जीरा रात भर भिगोएँ, फिर पीने से पहले छान लें।
- यह सुबह का घूँट है, बिना छाने बीजों का चम्मच नहीं, और दिन भर का बड़ा जग भी नहीं।
- दर्द, मल में खून, बार-बार उल्टी, या जलन जो बैठे नहीं, उसके लिए डॉक्टर से मिलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बीज भी पानी के साथ खा लूँ?
- उन्हें छानकर अलग कर दें। यह उपाय सुबह पिया हुआ भीगा पानी है, गीले बीजों का कौर नहीं।
क्या सुबह भिगोकर रात को पी सकते हैं?
- आम तरीका रात भर भिगोना और सुबह छानकर पीना है। वही पानी दिन भर न रखते जाएँ।
क्या धनिया-जीरा पानी एसिडिटी की दवा है?
- नहीं। यह हल्का रसोई का पानी है। जलन या दर्द बना रहे तो डॉक्टर से मिलें।



