पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय: गैस, एसिडिटी, अपच और बहुत कुछ
लगभग हर भारतीय घर में पेट ख़राब होने का कोई पसंदीदा नुस्खा होता है — भारी खाने के बाद अजवाइन, सुबह जीरा पानी, दोपहर में छाछ। इस गाइड में हमारे पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय एक जगह हैं, ताकि आप गैस, खट्टी डकार, रात में सीने की जलन, अपच, कब्ज़, आईबीएस और बीमारी के बाद की रिकवरी के लिए रसोई से जुड़ी सौम्य मदद पा सकें।
आयुर्वेद में अग्नि यानी पाचन शक्ति को सेहत का केंद्र माना गया है। अग्नि कमज़ोर हो तो भोजन आम में बदल जाता है — एक भारी, चिपचिपा अवशेष, जिसे पेट फूलने, जीभ पर परत और सुस्ती से जोड़ा जाता है। अग्नि बहुत तेज़ हो तो जलन और एसिडिटी महसूस हो सकती है। यहाँ के नुस्खे तय समय पर गरम, सादे भोजन, अदरक, जीरा, सौंफ और अजवाइन जैसे पाचक मसालों और खाने के तुरंत बाद न लेटने जैसी आदतों से अग्नि को संतुलित करने पर ध्यान देते हैं।
पेट के लक्षण ऐसी बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं जिन्हें इलाज चाहिए। मल या उल्टी में ख़ून, काला मल, तेज़ या लगातार दर्द, बिना कोशिश वज़न घटना, निगलने में दिक़्क़त, बार-बार उल्टी, पानी की कमी या आँखें पीली हों तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ। बच्चे, बुज़ुर्ग और गर्भवती महिलाएँ जल्दी सलाह लें। इन नुस्खों को डॉक्टर के इलाज के साथ अपनाएँ, उसकी जगह नहीं।
इस गाइड के सभी नुस्खे: पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय

पाचन
5 मिनटभारी खाने के बाद अपच के घरेलू उपाय: अजवाइन, सौंफ और धीमी सैर
शादी की दावत, त्योहार की थाली या देर रात का खाना अक्सर पेट को भारी और फूला हुआ छोड़ देता है। अपच के घरेलू उपाय — गरम पानी के साथ आधा चम्मच अजवाइन, थोड़ी सौंफ, एक कप अदरक की चाय और हल्की सैर — परंपरा से पेट को शांत करने में मदद के लिए इस्तेमाल होते हैं, ताकि हर बार एंटासिड न लेना पड़े।
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5 मिनटखट्टी डकार के घरेलू उपाय: सौंफ-मिश्री, ठंडे दूध की घूँट और हल्का डिनर
खाने के बाद गले तक आने वाला खट्टा, जलन भरा स्वाद ही खट्टी डकार है। खट्टी डकार के घरेलू उपाय — सौंफ के साथ मिश्री, ठंडे दूध या नारियल पानी की कुछ घूँट, और हल्का व जल्दी डिनर — परंपरा से बढ़े हुए एसिड को शांत करने और खाने के बाद के घंटे आरामदायक बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं।
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10 मिनटआईबीएस का आयुर्वेदिक इलाज: आहार, छाछ, सौंफ और तनाव प्रबंधन से सहायता
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम में पेट में मरोड़, फूलापन और कभी दस्त तो कभी कब्ज़ होती है, और तनाव में यह अक्सर बढ़ जाता है। आईबीएस का आयुर्वेदिक इलाज नियमित गरम भोजन, मसालेदार छाछ, सौंफ-जीरे की चाय और मन को शांत करने से पाचन को सहारा देने पर केंद्रित है — डॉक्टर के बताए इलाज के साथ, उसकी जगह नहीं।
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10 मिनटगर्भावस्था में कब्ज़ के घरेलू उपाय: पानी, फाइबर, भीगे अंजीर और हल्की सैर
हार्मोनल बदलाव, आयरन की गोलियाँ और बढ़ता शिशु कई होने वाली माँओं में पेट की गति धीमी कर देते हैं। गर्भावस्था में कब्ज़ के घरेलू उपाय — भरपूर पानी, भीगे अंजीर और किशमिश, फाइबर वाला घर का खाना, गरम दूध में एक चम्मच घी और रोज़ सैर — भोजन पर आधारित सौम्य कदम हैं, जिन पर डॉक्टर से बात करें।
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10 मिनटपेट में कीड़े के घरेलू उपाय: साफ़-सफ़ाई, कृमिनाशक दवा और सहायक आहार
रात में गुदा के आसपास खुजली, पेट दर्द, भूख न लगना या दाँत पीसना देखकर माता-पिता को पेट में कीड़ों का शक होता है। पेट में कीड़े के घरेलू उपाय उन बातों पर ध्यान देते हैं जो सच में मदद करती हैं — सख़्त साफ़-सफ़ाई, साफ़ पानी और खाना, और कद्दू के बीज व थोड़ी अजवाइन जैसे पारंपरिक सहायक आहार — जबकि असली इलाज डॉक्टर की दी कृमिनाशक दवा है।
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10 मिनटफ़ूड पॉइज़निंग के घरेलू उपाय: हल्के मामलों में ओआरएस, चावल की कांजी और आराम
किसी संदिग्ध खाने के कुछ घंटे बाद उल्टी और दस्त आमतौर पर फ़ूड पॉइज़निंग का संकेत होते हैं। स्वस्थ वयस्कों में हल्के मामलों के लिए फ़ूड पॉइज़निंग के घरेलू उपाय — घूँट-घूँट ओआरएस, चावल की कांजी, नारियल पानी, थोड़ा अदरक और भरपूर आराम — खोया पानी लौटाने और एक-दो दिन में पेट को संभलने में मदद करते हैं।
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5 मिनटरात में सीने में जलन के घरेलू उपाय: जल्दी डिनर, ऊँचा सिरहाना और ठंडी घूँट
लेटते ही छाती की हड्डी के पीछे बढ़ने वाली जलन पूरी रात की नींद ख़राब कर सकती है। रात में सीने में जलन के घरेलू उपाय — जल्दी और हल्का डिनर, सिरहाना ऊँचा करके बाईं करवट सोना, और सौंफ के पानी जैसी ठंडी घूँट — पेट के एसिड को उसकी जगह रखने में मदद करते हैं।
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15 मिनटफिशर के घरेलू उपाय: सिट्ज़ बाथ, नरम मल और घी से आराम
मल त्याग के समय तेज़, कटने जैसा दर्द, कभी-कभी चमकीले लाल ख़ून की लकीर के साथ, गुदा फिशर का आम लक्षण है — यानी गुदा की त्वचा में छोटी दरार। फिशर के घरेलू उपाय — गरम पानी का सिट्ज़ बाथ, फाइबर और पानी से नरम मल, और घी या नारियल तेल की पतली परत — ज़्यादातर नए फिशर को कुछ हफ़्तों में भरने में सहारा देते हैं।
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20 मिनटपीलिया में क्या खाएं: हल्का भोजन, भरपूर तरल और रिकवरी की देखभाल
पीलिया का मतलब है लिवर पर दबाव है, और रिकवरी के दौरान खाना बहुत मायने रखता है। पीलिया में क्या खाएं — साफ़ उबला पानी, खिचड़ी और दाल के सूप जैसे छोटे हल्के भोजन, ताज़े फल-सब्ज़ियाँ, और शराब बिल्कुल नहीं — यह आहार डॉक्टर के बताए इलाज और जाँच का सहारा है, कभी उसकी जगह नहीं।
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20 मिनटटाइफाइड में क्या खाएं: नरम, ऊर्जा से भरपूर भोजन और सुरक्षित तरल
टाइफाइड बुखार शरीर को हफ़्तों तक कमज़ोर और आँतों को संवेदनशील छोड़ देता है। टाइफाइड में क्या खाएं — खिचड़ी, दही-चावल, मसले आलू, उबले अंडे, केले जैसे नरम, सुपाच्य पर ऊर्जा से भरपूर खाने और ख़ूब सुरक्षित तरल पर यह आहार केंद्रित है, ताकि डॉक्टर के लिखे एंटीबायोटिक के पूरे कोर्स को सहारा मिले।
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10 मिनटपाचन शक्ति बढ़ाने के घरेलू उपाय: मज़बूत पेट के लिए 8 आयुर्वेदिक आदतें
अगर अक्सर पेट फूला, भारी या अनियमित रहता है, तो रोज़ के छोटे बदलाव बड़ा फ़र्क़ ला सकते हैं। ये हैं आठ आसान आयुर्वेदिक आदतों वाले पाचन शक्ति बढ़ाने के घरेलू उपाय — खाने से पहले अदरक-नींबू, गरम पानी की घूँट, तय समय पर भोजन, अच्छी तरह चबाना और खाने के बाद छोटी सैर।
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5 मिनटबदबूदार गैस के घरेलू उपाय: हींग, अजवाइन, धीरे खाना और सही भोजन
गैस निकलना सामान्य है — ज़्यादातर लोग दिन में 10–20 बार ऐसा करते हैं — पर तेज़ गंध शर्मिंदगी दे सकती है। बदबूदार गैस के घरेलू उपाय — खाने में हींग और अजवाइन, धीरे खाना, दालों को ठीक से भिगोना और गंध बढ़ाने वाले खाने को पहचानना — गैस की मात्रा और गंध दोनों कम करने में मदद करते हैं।
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10 मिनटलैक्टोज़ इनटॉलरेंस में क्या खाएं: दही, छाछ और बिना दूध के कैल्शियम
एक गिलास दूध या एक कप चाय के बाद पेट फूलना, गैस, मरोड़ या पतला मल लैक्टोज़ इनटॉलरेंस के आम लक्षण हैं, जो भारत में बहुत आम है। लैक्टोज़ इनटॉलरेंस में क्या खाएं — दूध की जगह दही और छाछ, भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में डेयरी, और रागी, तिल व हरी सब्ज़ियों से कैल्शियम।
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5 मिनटउल्टी रोकने के घरेलू उपाय: ओआरएस की छोटी घूँट, अदरक, इलायची और पेट को आराम
उल्टी के बाद सबसे ज़रूरी है पेट को फिर से परेशान किए बिना पानी की कमी न होने देना। उल्टी रोकने के ये घरेलू उपाय मदद करते हैं: थोड़ी देर पेट को आराम दें, फिर ओआरएस या पानी की छोटी घूँट लें, थोड़ा अदरक या इलायची आज़माएँ, और पेट शांत होने पर खिचड़ी जैसा हल्का खाना शुरू करें।
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5 मिनटभूख न लगने के घरेलू उपाय: खाने से पहले अदरक-सेंधा नमक, जीरा पानी और तय समय
बीमारी, तनाव या गर्मी के बाद कुछ दिन भूख न लगना आम है। भूख न लगने के ये घरेलू उपाय खाने से पहले सेंधा नमक और नींबू लगी अदरक की पतली फाँक, जीरा पानी, मसाला छाछ और खाने के तय समय से धीरे-धीरे भूख जगाते हैं।
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5 मिनटगैस्ट्राइटिस (पेट में सूजन और जलन) के घरेलू उपाय: नारियल पानी, थोड़ा-थोड़ा खाना और हल्का आहार
गैस्ट्राइटिस पेट की अंदरूनी परत की सूजन है, जिससे ऊपरी पेट में जलन, कुतरने जैसा दर्द या भारीपन होता है। गैस्ट्राइटिस के ये घरेलू उपाय पेट को शांत रखकर इलाज का साथ देते हैं: थोड़ा-थोड़ा हल्का खाना, नारियल पानी, दही-चावल, सौंफ का पानी और तीखा खाना, शराब व दर्द निवारक कम करना।
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10 मिनटपेट में मरोड़ के घरेलू उपाय: गरम सिकाई, अजवाइन का पानी और पेट की हल्की मालिश
गैस, अपच, हल्की पेट ख़राबी या पीरियड्स से हुई मरोड़ अक्सर गरमाहट और आराम से ठीक हो जाती है। पेट में मरोड़ के ये घरेलू उपाय गरम पानी की थैली, एक कप अजवाइन या सौंफ के पानी और घड़ी की दिशा में हल्की मालिश से पेट को आराम देते हैं।
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5 मिनटपेट के इन्फ़ेक्शन के घरेलू उपाय: ओआरएस, चावल का माँड, दही और भरपूर आराम
पेट के इन्फ़ेक्शन में दस्त, उल्टी, मरोड़ और कभी-कभी बुख़ार होता है। ज़्यादातर हल्के मामले अच्छी घरेलू देखभाल से कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। पेट के इन्फ़ेक्शन के ये घरेलू उपाय सबसे ज़रूरी बात पर ध्यान देते हैं: ओआरएस और चावल के माँड से पानी की कमी पूरी करना, दही-चावल और केला जैसा हल्का खाना, और आराम।
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5 मिनटपेट की गर्मी के घरेलू उपाय: नारियल पानी, गुलकंद, सौंफ और ठंडी छाछ
बहुत से लोग पेट में जलन और बेचैनी को "पेट में गर्मी" कहते हैं, जिसके साथ अक्सर मुँह के छाले, एसिडिटी या गर्मियों में गाढ़ा पीला पेशाब होता है। पेट की गर्मी के ये घरेलू उपाय नारियल पानी, गुलकंद, भीगी सौंफ के पानी, सब्ज़ा के बीज और छाछ से ठंडक देते हैं।
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5 मिनटसीने में गैस के घरेलू उपाय: अजवाइन का पानी, धीमी सैर और खाने के बाद सीधे बैठना
फँसी गैस से सीने तक चढ़ता कसाव, भारीपन या दबाव महसूस हो सकता है, अक्सर डकारों के साथ। सीने में गैस के ये घरेलू उपाय गुनगुने अजवाइन या जीरा पानी, धीमी सैर, खाने के बाद सीधे बैठने और धीरे खाने से गैस निकलने में मदद करते हैं। क्योंकि सीने का दर्द दिल से भी हो सकता है, पहले ख़तरे के संकेत जान लें।
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5 मिनटसफ़र में उल्टी (मोशन सिकनेस) के घरेलू उपाय: अदरक, नींबू, आगे की सीट और ताज़ी हवा
पहाड़ी रास्ते, लंबी बस यात्रा और नाव से जी मिचला सकता है और चक्कर आ सकते हैं। सफ़र में उल्टी के ये घरेलू उपाय यात्रा आसान बनाते हैं: थोड़ा अदरक या इलायची चबाएँ, नींबू सूँघें या चूसें, आगे की सीट पर सामने की ओर बैठें, खिड़की खुली रखें और निकलने से पहले हल्का खाएँ।
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10 मिनटकरी पत्ता छाछ: जीरा और अदरक वाली पतली नमक की छाछ, खाने के साथ
तेल वाला भारी खाना पेट पर पत्थर की तरह बैठ सकता है। इस करी पत्ता छाछ में ताज़ा करी पत्ता, जीरा और अदरक पतली नमक वाली छाछ में मिलते हैं, ताकि मीठी गाढ़ी लस्सी की जगह हल्का घूँट मिल सके।
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5 मिनटभुना अजवाइन और गुड़ का छोटा दाना, भारी खाने के बाद
भारी दावत के बाद पेट कसा और गैसी लगे तो भुने अजवाइन की एक चुटकी और मसूर दाने जितना गुड़ छोटा सा बाद का दाना है। स्वाद गोल चाहिए तो साथ में थोड़ा जीरा रख सकते हैं। यह बड़ा मसाला डोज़ नहीं है।
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12 मिनटसोंठ और सौंफ की चाय: तेल वाले खाने के बाद भारी, गैसी अहसास
तेल वाला खाना पेट में हवा और सुस्ती छोड़ सकता है। यह सोंठ और सौंफ की चाय थोड़ी देर उबाला हुआ छोटा गर्म कप है, उस भारी और गैसी अहसास के लिए। यह लंबा काढ़ा नहीं, रसोई का घूँट है।
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8 मिनटभिगोए धनिए का ठंडा पानी, गर्म दोपहर में धीरे-धीरे
जलती दोपहर में पेट खट्टा और बेचैन लग सकता है। रात भर भिगोए धनिए के दाने छानकर दिन में घूँट-घूँट पीना हल्का ठंडा पानी है। उसी कटोरी में थोड़ी सौंफ महक को नरम रखती है।
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25 मिनटपतली पीली मूंग की पेया: जीरा, अदरक और एक बूँद घी
पेट थका हो और सामान्य थाली भारी लगे तो सूखी दाल से पतली पीली मूंग की पेया आसान रहती है। जीरा, अदरक और घी की एक बूँद इसे नमकीन और नरम रखती है।
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20 मिनटभुने जीरे वाला आम पन्ना, पतला और ज़्यादा खट्टा नहीं
कच्चे आम का आम पन्ना गर्म दिन को तरोताज़ा कर सकता है, पर बहुत खट्टा गिलास पेट पर भारी पड़ता है। इस रूप में भुना जीरा, पुदीना, सेंधा नमक और थोड़ा गुड़ है, फिर इतना पानी कि शर्बत हल्का रहे।
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10 मिनटकोकम का गर्मियों का शर्बत: जीरा और थोड़ा गुड़
कोकम, पश्चिमी तट पर इस्तेमाल होने वाला गहरा लाल सूखा छिलका, गर्मियों का ठंडा शर्बत बनाता है। पानी में भिगोएँ, जीरा और बस थोड़ा गुड़ डालें, और दोपहर बहुत गर्म लगे तो पतला करके पिएँ।
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10 मिनटघर की जलजीरा: जीरा, पुदीना, अदरक और नींबू
जलजीरा का स्वाद ठंडे पानी में कूटे जीरे और पुदीने जैसा होना चाहिए, पैकेट जैसा नहीं। यह घर का गिलास जीरा, पुदीना, अदरक, नींबू और काले नमक से बनता है, बिना बोतल वाले मसाले के।
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15 मिनटदालचीनी वाला भाप में सेब, जब कच्चा फल भारी लगे
कच्चा सेब कुछ लोगों को सख्त और गैसी लगता है। दालचीनी की चुटकी के साथ भाप में नरम करने पर गर्म, चम्मच से खाया जाने वाला फल मिलता है, जब खाने के बाद कुछ हल्का चाहिए।
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5 मिनटदोपहर के खाने के बाद पके पपीते की छोटी कटोरी, जूस क्लींज नहीं
खाने के बाद पका पपीता फल की छोटी कटोरी है, लंबे गिलास का जूस नहीं और क्लींज नहीं। नींबू का निचोड़ और सेंधा नमक की चुटकी वैकल्पिक हैं। विचार इतना है कि खाने को हल्का अंत मिले।
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10 मिनटपेठा के रस का छोटा गिलास, पानी और जीरे के साथ पतला
पेठा का रस आसानी से ज़्यादा हो जाता है। यह रूप छोटा गिलास है, पानी से पतला, जीरे की चुटकी और पुदीने की पत्ती के साथ। ठंडा घूँट है, लंबा डिटॉक्स गिलास नहीं।
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5 मिनटसुबह दो भीगे अंजीर, उसी भीगे पानी के साथ
रात भर भिगोए दो सूखे अंजीर सुबह का हल्का दाना हैं, उसी भीगे पानी के साथ। अंजीर भोजन रहता है, खाली पेट सूखे मेवे की बड़ी मुट्ठी नहीं।
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5 मिनटइलायची वाला केले का मैश, जब भूख कम हो और पेट ढीला हो
भूख कम हो और मल ढीला हो तो इलायची के साथ मैश किया छोटा पका केला आसान भोजन है। यह सहायक है, दस्त की योजना नहीं, और पतले दस्त चलते रहें तो डॉक्टर का विकल्प नहीं।
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20 मिनटनरम चावल की पेया: जीरा, अदरक और घी की कुछ बूँदें
दलिया जैसी ढीली, ज्यादा पकी चावल की पेया, जीरा, अदरक और घी की कुछ बूँदों के साथ, वह सादी कटोरी है जिस पर कई घर भरोसा करते हैं जब सामान्य थाली ज़्यादा लगे।
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5 मिनटरात के खाने के बाद चबाने के लिए भुनी सौंफ
मीठी खुशबू तक सूखा भुनी सौंफ का एक छोटा चम्मच वह खाने के बाद का चबाना है जो कई भारतीय थालियों पर पहले से आता है। भूनने से महक जागती है। मात्रा एक चम्मच ही रहती है।
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10 मिनटतीखे खाने के साथ पुदीना और जीरे का रायता
तीखा खाना ठंडे रायते के चम्मच के साथ आसान बैठता है। ताज़ा दही, भुना जीरा, पुदीना और थोड़ा कसा अदरक सादा साइड बनाते हैं, गाढ़ा नमकीन रेस्तराँ वाला कटोरा नहीं।
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8 मिनटकाली मिर्च और भुने जीरे की पतली छाछ, खाने के साथ
काली मिर्च की छाछ पतली छाछ है, कुटी काली मिर्च, भुना जीरा और सेंधा नमक के साथ, खाने के समय। हल्का गिलास रहती है, गाढ़ी लस्सी नहीं और मिर्च का तीखा शॉट नहीं।
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12 मिनटभारी रात के खाने के बाद गुनगुना तेजपत्ता और जीरे का पानी
एक तेजपत्ता जीरे के साथ उबालने पर भारी रात के खाने के बाद हल्का गर्म पानी बनता है। पानी पीना है। पत्ता खुद नहीं खाना।
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5 मिनटखाने के बाद खट्टे दाने की तरह सेंधा नमक वाला अनार
सेंधा नमक के साथ अनार के दानों की छोटी कटोरी खाने के बाद का खट्टा दाना है। ऊपर पुदीना ताज़गी रखता है। यह फल है, जूस का गिलास नहीं और खट्टी कैंडी नहीं।
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8 मिनटसत्तू का गर्मियों का पेय: जीरा, नींबू और सेंधा नमक
सत्तू, यानी भुना चना आटा, ठंडे पानी में जीरा, नींबू, सेंधा नमक और पुदीना के साथ फेंटा हुआ उत्तरी मैदान का गर्मियों का पेय है। एक गिलास घूँट भी है और हल्का नाश्ता भी, मीठी शेक नहीं।
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15 मिनटकेले के तने का रस: पानी में घुला छोटा गिलास, जीरा और नींबू के साथ
भारी भोजन पेट को सुस्त और भरा हुआ छोड़ सकता है। यह केले के तने का एक छोटा गिलास है, पानी में घोला हुआ, जीरे की चुटकी और नींबू की कुछ बूँदों के साथ। भारीपन में हल्का रसोई का घूँट है, सफाई का नुस्खा नहीं।
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15 मिनटबेल का शरबत: पका गूदा पानी में, जीरा और थोड़े गुड़ के साथ
पके बेल का गूदा सुगंधित और नरम होता है, और हल्के शरबत में मिल जाता है। इसे पानी में जीरा और सिर्फ़ थोड़े गुड़ के साथ चलाएँ, ताकि गिलास मीठा भारी पेय न बन जाए।
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5 मिनटधनिया-जीरा पानी: रात भर भिगोएँ, सुबह छानकर घूँट लें
धनिया और जीरा रात भर पानी में भीगकर हल्का सा पानी देते हैं। सुबह छानकर वही गिलास घूँट-घूँट पिएँ। यह शांत रसोई की आदत है, दवा नहीं, और ज़बरदस्ती खत्म करने का जग भी नहीं।
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8 मिनटपुदीना छाछ: दोपहर के खाने के साथ पुदीना, जीरा और सेंधा नमक
खाने के साथ गाढ़ी मीठी लस्सी हो तो दोपहर और भारी लग सकती है। यह रूप पतला रहता है: छाछ में पुदीना, जीरा और सेंधा नमक की चुटकी, भोजन के साथ।
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5 मिनटत्रिफला और शहद: सोते समय मटर जितनी गोली, शहद की एक बूँद
त्रिफला चूर्ण शहद की एक बूँद के साथ मटर के दाने जितनी गोली बनता है, सोते समय के लिए। आकार ही पूरा उपाय है। इसे रेचक की तरह ढेर सारा नहीं लेना, और शिशुओं को शहद नहीं देना।
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15 मिनटकोकम सोल कढ़ी: भीगी कोकम, पतला नारियल दूध, जीरा और लहसुन
भीगी कोकम को पतले नारियल दूध में जीरा और थोड़े लहसुन के साथ चलाना, तटीय सोल कढ़ी को छोटा रखना है। गर्मियों में एक मामूली गिलास ही पेय है। हर भोजन के साथ बड़ी कटोरी नहीं।
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8 मिनटआँवला-अदरक शॉट: ताज़े आँवले और अदरक का पतला छोटा घूँट
ताज़ा आँवला और अदरक अकेले में ही तीखे हैं। यह सिर्फ़ छोटा घूँट है, पानी से पतला, रोज़ का लंबा जूस नहीं। एक मामूली घूँट ही बात है।
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8 मिनटहींग-जीरा पानी: भारी भोजन के बाद हींग की चुटकी और भुना जीरा
भारी भोजन के बाद भुने जीरे और हींग की चुटकी वाला गुनगुना पानी रसोई का जाना-पहचाना अंत है। चुटकी चुटकी ही रहनी चाहिए। ज़्यादा हींग उसी घूँट का बड़ा रूप नहीं है।
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10 मिनटसौंफ-अजवाइन चाय: थोड़ी देर उबालकर गुनगुनी घूँट
सौंफ और अजवाइन कुछ मिनट उबालने पर खाने के बाद एक छोटी गुनगुनी प्याली बनती है। उबाल छोटा रहता है ताकि चाय कड़वी और गाढ़ी न हो जाए।
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5 मिनटहरड़ और मिश्री: खाने के बाद हरड़ की चुटकी और एक क्रिस्टल
हरड़ चूर्ण छोटी मात्रा में भी तीखा होता है। खाने के बाद सिर्फ़ एक चुटकी, मिश्री का एक क्रिस्टल और पानी का घूँट। यह गर्भावस्था में नहीं है, और मुट्ठी भर बिल्कुल नहीं।
नुस्खा पढ़ेंऔर संबंधित नुस्खे
- खाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा
- जीरा–धनिया–सौंफ की चाय
- गैस में अजवाइन और काला नमक
- दोपहर के भोजन के साथ मसाला छाछ (तक्र)
- रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला
- भोजन के बाद सौंफ और मिश्री
- एसिडिटी और सीने की जलन के लिए आँवला-मिश्री
- कब्ज़ के लिए घी वाला गरम दूध और भीगी किशमिश
- बवासीर में आराम: छाछ, मूली और नरम मल की दिनचर्या
- पेट फूलने पर गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग
- दस्त में घरेलू देखभाल: ओआरएस, दही-चावल और केला
- जी मिचलाने और सफ़र में उल्टी जैसा लगने पर अदरक और इलायची
- हिचकी रोकने के आसान घरेलू तरीके
- गैस वाले पेट दर्द में नाभि के आसपास गुनगुना हींग लेप
- ईसबगोल की भूसी: रोज़ के रेशे की आसान आदत
- थके पेट के लिए एक दिन की मूँग दाल खिचड़ी
- गर्मियों के पाचन के लिए ताज़ी पुदीना चटनी और पुदीना पानी