मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics
जोड़10 मिनट

बढ़ा यूरिक एसिड और गाउट: मददगार खान-पान और जीवनशैली

बढ़ा यूरिक एसिड जोड़ों में क्रिस्टल बनाकर अचानक, बहुत दर्दनाक गाउट के दौरे ला सकता है, अक्सर पैर के अँगूठे में। इलाज के साथ-साथ भरपूर पानी, कम शराब और मीठे पेय, ज़्यादा प्यूरीन वाली चीज़ें सीमित मात्रा में और स्वस्थ वज़न सच में फ़र्क़ डालते हैं।

चित्र में खीरा, धनिया की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

आयुर्वेद की दृष्टि से

आयुर्वेद में वातरक्त — ‘ख़ून में वात’ — नाम की स्थिति बताई गई है जिसमें जलन वाले, सूजे, लाल जोड़ होते हैं, जो गाउट से काफ़ी मिलती है। पारंपरिक सलाह है गरम, भारी, खट्टी और ख़मीर वाली चीज़ों व शराब से बचना, और ठंडा, हल्का भोजन लेना। आधुनिक चिकित्सा भी शराब (ख़ासकर बीयर), मीठे पेय, कलेजी-गुर्दे जैसे अंग, ज़्यादा लाल मांस और समुद्री भोजन सीमित करने और भरपूर पानी पीने की सलाह देती है।

सामग्री

  • दिन में 8–10 गिलास पानी (जब तक डॉक्टर ने पानी सीमित न किया हो)
  • ठंडक देने वाला, हल्का भोजन: लौकी, तोरी, खीरा, मूँग दाल, कम वसा वाला दही, चेरी या आँवला जैसे मौसमी फल
  • एक गिलास पानी में रात भर भीगा 1 छोटा चम्मच साबुत धनिया (पारंपरिक ठंडा पेय)

बनाने की विधि

  1. रात को धनिया भिगो दें; सुबह छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • सुबह धनिये का पानी पिएँ, और दिन भर नियमित पानी पीते रहें।
  • भोजन में सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज और सीमित दाल रखें; मांसाहार, ख़ासकर अंग और शेलफ़िश, कभी-कभार ही लें।
  • दौरे के समय आराम करें और जोड़ को ऊँचा रखें, कपड़े में लिपटी ठंडी पट्टी 15–20 मिनट रखें, और डॉक्टर की दी दवा लें।

मददगार आदतें

  • शराब (ख़ासकर बीयर) और फ़्रुक्टोज़ से भरे मीठे कोल्ड ड्रिंक व पैकेट वाले जूस से बचें।
  • वज़न धीरे-धीरे घटाएँ; क्रैश डाइट और उपवास दौरा ला सकते हैं।
  • किडनी की जाँच, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल भी जँचवाएँ — ये अक्सर साथ चलते हैं।

सावधानियाँ

  • यूरिक एसिड घटाने वाली दवाएँ ठीक वैसे ही लेते रहें जैसे बताई गई हैं; दौरे के दौरान या बाद में डॉक्टर के कहे बिना बंद न करें।
  • बुखार के साथ गरम, लाल, सूजा जोड़ संक्रमण हो सकता है — तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • किडनी या दिल की बीमारी हो तो पानी की मात्रा डॉक्टर से पूछें।