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इलायची वाला केले का मैश, जब भूख कम हो और पेट ढीला हो
भूख कम हो और मल ढीला हो तो इलायची के साथ मैश किया छोटा पका केला आसान भोजन है। यह सहायक है, दस्त की योजना नहीं, और पतले दस्त चलते रहें तो डॉक्टर का विकल्प नहीं।

जब खाना मुश्किल लगे, छोटा मैश
पका केला नरम, जाना-पहचाना और काँटे से मैश करने में आसान है। इलायची की चुटकी या एक हरी फली के दाने गर्म महक देते हैं, बिना मिर्च या भारी मसाले के। कटोरी जान-बूझकर छोटी रहती है।
ढीले मल और कम भूख के समय आयुर्वेद सादा भोजन देखता है, तेज़ कड़वे या दावत नहीं। पूरा भोजन न भाए तो यह मैश भूख को सहारा दे सकता है। सिर्फ़ सहायक भोजन है। कमज़ोरी, खून या बुखार के साथ पतले दस्त चलें तो डॉक्टर चाहिए।
सामग्री
- एक छोटा पका केला
- एक हरी इलायची के दाने, या इलायची पाउडर की चुटकी
- मैश करने के लिए काँटा और छोटी कटोरी
बनाने की विधि
- पका केला छीलकर काँटे से चिकना मैश कर लें।
- इलायची कूटकर एक चुटकी मैश में चलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- भूख कम हो तो छोटी कटोरी धीरे खाएँ।
- भोजन की तरह लें, दिन भर कई केले नहीं।
- मल ढीला हो तो बाकी खाना भी सादा और नरम रखें।
मददगार आदतें
- ऐसा केला लें जिस पर हल्के भूरे दाग हों, हरा और सख्त नहीं, और ज़्यादा सड़ा हुआ भी नहीं।
- इलायची महक रहे, पाउडर का किरकिरा चम्मच नहीं।
सावधानियाँ
- मल ढीला हो तो यह सहायक भोजन है। पतले दस्त चलते रहें, या कमज़ोरी, खून या बुखार हो तो डॉक्टर का विकल्प नहीं।
- शिशुओं और जिन्हें मैश फल सुरक्षित न खाना आता हो, उन्हें यह घर की योजना की तरह न दें।
- केले से तकलीफ़ बढ़े तो रोक दें। हर पेट पर एक सा भोजन नहीं बैठता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इससे पतले दस्त रुक जाएँगे?
- यह सिर्फ़ आसान भोजन है जब भूख कम हो। पतले दस्त चलते रहें तो डॉक्टर का विकल्प नहीं।
क्या दूध या शहद मिलाएँ?
- इस कटोरी में केला और इलायची ही रखें। दूध और शहद अलग नाश्ता बना देते हैं।
इलायची कितनी?
- एक फली के दाने या एक चुटकी। ज़्यादा मात्रा में इलायची तेज़ होती है।






