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कलौंजी: नान, अचार और पंचफोरन में, और बालों के तेल के रूप में
नान और अचार पर छिड़के जाने वाले छोटे काले, प्याज़ जैसे स्वाद वाले दाने कलौंजी हैं, जिन्हें ब्लैक सीड या निजेला भी कहते हैं। आयुर्वेद और यूनानी दोनों परंपराओं में लोकप्रिय कलौंजी का आनंद भोजन में लेना सबसे आसान है, और इसका तेल सिर की त्वचा के लिए पसंदीदा उपचार है।

आयुर्वेद की दृष्टि से
आयुर्वेद में उपकुंचिका या कृष्ण जीरक के नाम से जानी जाने वाली कलौंजी को तीखी, कड़वी और गरम बताया गया है, जो पाचन को जगाती है और गैस, मरोड़ और जकड़न जैसी कफ समस्याओं से राहत देती है। यूनानी और इस्लामी परंपरा में कलौंजी का बहुत सम्मान है। इसके सक्रिय तत्व थाइमोक्विनोन पर सूजनरोधी प्रभावों के लिए अध्ययन हो रहे हैं; छोटे अध्ययन बताते हैं कि यह ब्लड शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल में थोड़ी मदद कर सकती है, पर यह इनका इलाज नहीं है।
सामग्री
- कलौंजी के दाने
- पंचफोरन के लिए: बराबर मात्रा में कलौंजी, जीरा, सौंफ, मेथी और राई
- बालों के लिए: 1 छोटा चम्मच कलौंजी तेल, 2 बड़े चम्मच नारियल या तिल के तेल में मिला हुआ
बनाने की विधि
- पंचफोरन के पाँचों दाने मिलाकर डिब्बे में रखें।
- बालों के तेल का मिश्रण हल्का गुनगुना करें।
इस्तेमाल का तरीका
- नान, पराठे, कुलचे और नमकीन बिस्कुट पर पकाने या सेंकने से पहले कलौंजी छिड़कें।
- आलू, कद्दू, दाल या टमाटर की चटनी के तड़के में गरम सरसों तेल में ½ छोटा चम्मच पंचफोरन डालें।
- आम, नींबू और मिक्स सब्ज़ी के अचार में कलौंजी डालें।
- हफ़्ते में एक-दो बार धोने से एक घंटा पहले मिला हुआ तेल सिर की त्वचा पर मालिश करें।
मददगार आदतें
- कलौंजी को कभी-कभी ग़लती से प्याज़ के बीज या काला जीरा कहा जाता है — शाही जीरा अलग मसाला है।
- सोंधा, मिर्च जैसा स्वाद निखारने के लिए दाने हल्के भूनें।
सावधानियाँ
- भोजन जितनी मात्रा ज़्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है। गर्भावस्था और बच्चों में कलौंजी के गाढ़े तेल या कैप्सूल से बचें।
- सप्लीमेंट ब्लड शुगर और बीपी घटा सकते हैं और ख़ून जमना धीमा कर सकते हैं — डायबिटीज़, बीपी या ख़ून पतला करने की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें। बताया गया इलाज जारी रखें।
- तेल के मिश्रण का पैच टेस्ट करें; बिना मिलाया कलौंजी तेल त्वचा में जलन कर सकता है।




