डायबिटीज़ में सहायक25 मिनट
संतुलित थाली के लिए करेले की सूखी सब्ज़ी
आयुर्वेद में ब्लड शुगर संभालने वालों के लिए कड़वा रस (तिक्त रस) परंपरा से सुझाया जाता है। करेले की सादी सब्ज़ी थाली में कड़वी सब्ज़ियाँ और फ़ाइबर बढ़ाने का स्वादिष्ट तरीका है — भोजन के रूप में, दवा के रूप में नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
सामग्री
- 2 मध्यम करेले
- 1 प्याज़, लंबा कटा; 1 छोटा चम्मच तेल
- ½-½ छोटा चम्मच जीरा, हल्दी और धनिया पाउडर; स्वादानुसार नमक
- थोड़ा नींबू का रस
बनाने की विधि
- खुरदरा छिलका हल्का छील लें, पतला काटें, थोड़ा नमक लगाकर 15 मिनट छोड़ दें। कड़वा पानी निचोड़कर धो लें।
- तेल गरम करें, जीरा डालें, फिर प्याज़ डालकर नरम होने तक पकाएँ।
- करेला और मसाले डालें, ढककर धीमी आँच पर नरम होने तक (10–12 मिनट) पकाएँ। ऊपर से नींबू निचोड़ें।
इस्तेमाल का तरीका
- हफ़्ते में 2–3 बार दाल, सलाद और साबुत अनाज के साथ सब्ज़ी के रूप में खाएँ।
- साथ में नियमित कसरत और डॉक्टर का बताया डाइट प्लान अपनाएँ।
सावधानियाँ
- डॉक्टर की दवा लेते रहें और शुगर जाँचते रहें — करेला डायबिटीज़ की दवा का असर बढ़ा सकता है।
- बिना डॉक्टरी सलाह के कच्चे करेले का रस ज़्यादा मात्रा में न पिएँ; इससे पेट ख़राब और शुगर बहुत कम हो सकती है।
- गर्भावस्था में दवा जितनी मात्रा में करेला न लें।





