जोड़15 मिनट
अकड़े जोड़ के लिए कपड़े में मेथी की गरम पोटली
भीगे मेथी दाने मसलकर कपड़े में गर्म करने से अकड़े जोड़ की छोटी पोटली बनती है। लेप त्वचा तक कपड़े के पार ही जाता है, और कटी त्वचा पर नहीं लगता।

अकड़न के लिए मेथी की गरम पट्टी
मेथी भारतीय रसोई का रोज़ का दाना है। रात भर भिगोने पर यह नरम होकर घुटने, टखने या कंधे की ठंड वाली जकड़न के लिए गरम पोटली बन सकता है।
यह बाहरी आराम है, सोने के लिए प्लास्टर नहीं। साबुत दाने नुकीले होते हैं, इसलिए मसलना ज़रूरी है। कटाव, रैश और चोट के बाद गर्म जोड़ से दूर रखें।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच भीगे हुए मेथी दाने
- एक साफ़ सूती कपड़ा
- मसले हुए लेप को नरम करने के लिए भीगे पानी का एक चम्मच
बनाने की विधि
- मेथी दानों को कुछ घंटे पानी में भिगोएँ, फिर निथारकर मोटा लेप मसल लें।
- लेप कपड़े में फैलाकर चपटी पोटली बनाएँ और कलाई पर हल्की गर्म लगने तक गर्म करें।
इस्तेमाल का तरीका
- गरम पोटली अकड़े जोड़ पर करीब 8 मिनट रखें।
- बीच में त्वचा देख लें। लेप और त्वचा के बीच कपड़ा बना रहना चाहिए।
- पोटली हटाएँ, जगह पोंछकर सुखाएँ, और कपड़ा उसी दिन धो दें।
मददगार आदतें
- शाम की पोटली चाहिए तो दाने सुबह भिगो दें।
- बाँह के अंदर राई जितना लेप लगाकर देखें कि त्वचा मेथी मानती है या नहीं।
सावधानियाँ
- यह पोटली कटी त्वचा, एग्ज़िमा या ताज़े छिलने पर न लगाएँ।
- पैक सिर्फ़ बाहर है। मसला लेप आँख या चेहरे पर न लगाएँ।
- खुजली या जलन हो तो रोक दें। मोच के बाद सूजे जोड़ पर गर्मी नहीं, डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भीगे दानों की जगह मेथी पाउडर चल जाएगा?
- भीगे साबुत मेथी दाने नरम पोटली देते हैं। पाउडर गुठली बनकर रूखा लग सकता है, इसलिए भीगा दाना बेहतर है।
क्या पोटली से त्वचा पर रंग चढ़ेगा?
- हल्का पीला रंग थोड़ी देर रह सकता है और धुल जाना चाहिए। लालिमा या खुजली बनी रहे तो रोक दें।
मेथी की जोड़ पट्टी कितनी बार लगाएँ?
- अकड़े दिन में एक बार काफ़ी है। एक ही त्वचा पर कई गरम पैक न जमाएँ।


