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तुलसी और शहद की सुबह की चम्मच, तीन ताजी पत्तियां
तीन ताजी तुलसी की पत्तियां थोड़े शहद के साथ कूटकर सुबह की चम्मच बनती हैं। एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें। यह सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

तुलसी और शहद की सुबह की चम्मच
तुलसी वह आंगन का पौधा है जिसे लोग पत्ती-पत्ती तोड़ते हैं, मुट्ठी भर नहीं। थोड़े शहद के साथ कूटी तीन पत्तियां सुबह की छोटी आदत हैं, शहद की शीशी नहीं।
शहद बड़े लोगों का भोजन है। एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें। यह चम्मच नाश्ते के साथ रह सकती है और डॉक्टर का विकल्प नहीं है।
सामग्री
- तीन ताजी तुलसी की पत्तियां
- आधी छोटी चम्मच शहद
- एक साफ चम्मच
बनाने की विधि
- तुलसी की पत्तियां धोकर थपथपा कर सुखा लें।
- पत्तियां कूटें और चम्मच पर शहद में मिला दें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह नाश्ते के साथ या ठीक बाद में यह चम्मच लें।
- रोज ताजी पत्तियां इस्तेमाल करें। कूटी पत्तियां हफ्ते भर शहद में रखकर न रखें।
- इसे इतनी छोटी मात्रा में सहायक आदत की तरह रखें।
मददगार आदतें
- पत्तियों पर धूल हो तो बड़ी मुट्ठी से ज्यादा जरूरी है उन्हें धोना।
- साफ घर के पौधे या भरोसेमंद गड्डी की तुलसी काफी है। मीठी शरबत की जरूरत नहीं।
सावधानियाँ
- एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।
- शहद न सुहाए तो छोड़ दें। छोटे बच्चों को देने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुलसी की पत्तियां कितनी लें?
- तीन ताजी पत्तियां थोड़े शहद के साथ। पूरी टहनी इस चम्मच से ज्यादा है।
क्या बच्चे को शहद दे सकते हैं?
- एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें। उनके लिए थोड़ी चाट भी सुरक्षित नहीं।
बुखार में क्या यह चम्मच काफी है?
- नहीं। यह सिर्फ सहायक सुबह की आदत है और डॉक्टर का विकल्प नहीं। बुखार में डॉक्टर को दिखाएं।






