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सीने की जकड़न में काली मिर्च और शहद

आयुर्वेद में काली मिर्च (मरिच) को उसके तीखे, कफ घटाने वाले गुण के लिए महत्व दिया गया है। जब ज़ुकाम सीने में भारीपन और बलगम के रूप में बैठ जाए, तब चुटकी भर काली मिर्च शहद के साथ लेना पारंपरिक सहारा है।

चित्र में काली मिर्च, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सामग्री

  • एक छोटी चुटकी (लगभग ⅛ छोटा चम्मच) ताज़ी पिसी काली मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच शहद

बनाने की विधि

  1. कमरे के तापमान पर शहद में पिसी काली मिर्च मिला लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • भोजन के बाद दिन में एक या दो बार, 2–3 दिन तक धीरे-धीरे चाटें।

सावधानियाँ

  • काली मिर्च गर्म है — एसिडिटी, अल्सर या ख़ूनी बवासीर हो तो न लें।
  • 1 साल से छोटे बच्चों को शहद न दें; डायबिटीज़ हो तो डॉक्टर से पूछें।
  • सीने में दर्द, साँस फूलना, बुखार के साथ रंगीन बलगम या घरघराहट हो तो डॉक्टर से जाँच करवाएँ।