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खाने के बाद इलायची और सौंफ

खाने के बाद एक हरी इलायची और थोड़ी सौंफ चबाई जाती है। यह छोटा फ्रेशनर है, मुट्ठी भर नहीं और पाचन का इलाज नहीं।

स्टील की थाली पर एक हरी इलायची और सौंफ का छोटा ढेर, बगल में पानी का गिलास।

खाने के बाद एक इलायची और थोड़ी सौंफ

कई घरों में खाना खत्म होते ही एक हरी इलायची और थोड़ी सौंफ आती है। धीरे चबाते हैं और खुशबू रह जाती है। मात्रा छोटी है: एक फली और चुटकी भर सौंफ, मुट्ठी नहीं। यह मुंह की ताजगी है, गैस, एसिडिटी या बीमारी वाली बदबू की दवा नहीं।

बहुत छोटे बच्चे या जल्दी में खाने वाले के लिए दाना अटक सकता है। बैठकर अच्छी तरह चबाएं, चाहें तो बाद में पानी की एक चुस्की ले लें। जीभ पर मैल बना रहे, मुंह कड़वा रहे, या खाने के बाद दर्द हो तो और दाने नहीं, दंत चिकित्सक या डॉक्टर ठीक हैं।

सामग्री

  • एक हरी इलायची
  • थोड़ी सौंफ, करीब आधा चम्मच
  • बाद में पानी की एक चुस्की

बनाने की विधि

  1. इलायची को हल्का फोड़कर दाने निकाल लें, या फली नरम हो तो उसी को चबाएं।
  2. हथेली में थोड़ी सौंफ रखें, मुट्ठी भर नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • खाने के बाद इलायची और सौंफ धीरे चबाएं।
  • बाद में पानी की चुस्की ले सकते हैं। फली को पूरा निगलें नहीं।
  • मुख्य भोजन के बाद एक बार काफी है। दिन भर चबाते न रहें।

मददगार आदतें

  • ताजी हरी इलायची की खुशबू महीनों से खुली पड़ी फली से बेहतर होती है।
  • दाना सख्त लगे तो मुंह में लेने से पहले हल्का कूट लें।

सावधानियाँ

  • यह मुंह की ताजगी है, बदहजमी, एसिडिटी या बदबू का इलाज नहीं।
  • शिशु या छोटे बच्चे को साबुत दाने न दें। अटक सकते हैं।
  • मुट्ठी ज्यादा है। एक इलायची और थोड़ी सौंफ ही पूरा विचार है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कितने दाने चबाएं?

खाने के बाद एक इलायची और थोड़ी सौंफ। मुट्ठी भर नहीं।

क्या छोटा बच्चा ले सकता है?

नहीं। साबुत दाने शिशु और छोटे बच्चे के लिए अटकने का खतरा हैं।

क्या इससे भारी पेट हल्का हो जाता है?

यह केवल खाने के बाद की ताजगी है। बदहजमी या एसिडिटी का इलाज नहीं है।
सभी देखें: दाँतों और मसूड़ों के घरेलू उपाय