त्वचा20 मिनट
धूप की टैनिंग के लिए दही, बेसन और टमाटर का पैक
छुट्टियों या गर्मियों की रोज़ की भाग-दौड़ के बाद दही, बेसन और थोड़े टमाटर के गूदे का ठंडा पैक झुलसी, बेजान त्वचा को ताज़ा करने का सौम्य घरेलू तरीका है।

आयुर्वेद की दृष्टि से
टैन त्वचा की अपनी सुरक्षा है: धूप से बचने के लिए वह ज़्यादा रंगद्रव्य बनाती है। त्वचा के नवीनीकरण के साथ यह अपने-आप हल्का होता है, और घर का पैक बस इसमें मदद कर सकता है — मृत कोशिकाओं को हल्के से हटाकर और गर्मी शांत करके। आयुर्वेद धूप से झुलसी, गरम त्वचा को पित्त की अवस्था मानता है, इसलिए तेज़ स्क्रब या सीधे नींबू (जो जलन और कभी-कभी और कालापन कर सकता है) के बजाय दही जैसी ठंडी चीज़ें बेहतर हैं।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच ताज़ा सादा दही
- 1 बड़ा चम्मच बेसन
- 1 बड़ा चम्मच ताज़ा टमाटर का गूदा (संवेदनशील त्वचा के लिए 1 छोटा चम्मच एलोवेरा जेल)
- चुटकी भर हल्दी (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- सब कुछ मिलाकर चिकना, फैलने लायक पेस्ट बनाएँ — बहुत गाढ़ा हो तो थोड़ा और दही मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- साफ़ चेहरे, गर्दन, बाँहों या पैरों पर लगाएँ; आँखों के आसपास नहीं।
- 15 मिनट रहने दें, जब तक लगभग सूख जाए पर चटकने न लगे।
- गीले हाथों से छोटी गोलाई में हल्की मालिश करते हुए धो लें। हफ़्ते में दो-तीन बार लगाएँ।
मददगार आदतें
- असली उपाय बचाव है: ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन, टोपी या दुपट्टा, और सुबह 11 से दोपहर 3 बजे की तेज़ धूप से बचें।
- गर्मियों में पानी पिएँ और तरबूज़, खीरा, आँवला जैसे ठंडे फल खाएँ।
सावधानियाँ
- संवेदनशील या कटी त्वचा पर टमाटर चुभ सकता है — ज़रूरत हो तो एलोवेरा जेल लें, और पहले पैच टेस्ट करें।
- छाले पड़ी, छिलती या बहुत दर्द वाली धूप की जलन पर न लगाएँ; ठंडक दें और ज़्यादा हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- नए या बदलते काले धब्बे, आकार-रंग बदलते तिल, या हल्के न होने वाले धब्बे त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ।




