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सोंठ और सौंफ की चाय: तेल वाले खाने के बाद भारी, गैसी अहसास
तेल वाला खाना पेट में हवा और सुस्ती छोड़ सकता है। यह सोंठ और सौंफ की चाय थोड़ी देर उबाला हुआ छोटा गर्म कप है, उस भारी और गैसी अहसास के लिए। यह लंबा काढ़ा नहीं, रसोई का घूँट है।

सोंठ और सौंफ का छोटा कप
सोंठ अदरक का सूखा रूप है और ताज़ा अदरक से ज़्यादा गर्म स्वाद देती है। सौंफ वे मीठे दाने हैं जिन्हें लोग खाने के बाद चबाते ही हैं। कुछ मिनट साथ उबालने पर हल्की, सुगंधित चाय बनती है।
आयुर्वेद तले खाने के बाद भारी, गैसी अहसास को कफ जैसी सुस्ती और वात की गैस से जोड़ता है, जब अग्नि साथ नहीं दे पाती। यह चाय उस अहसास को शांत कर सकती है। दर्द, बुखार या लगातार पतले दस्त हों तो यह डॉक्टर का विकल्प नहीं है।
सामग्री
- सोंठ का छोटा टुकड़ा, या चौथाई छोटा चम्मच सोंठ पाउडर
- एक छोटा चम्मच सौंफ
- डेढ़ कप पानी
बनाने की विधि
- सोंठ और सौंफ को हल्का कूटकर पानी में डालें।
- करीब पाँच मिनट धीमी आँच पर उबालें, फिर छानकर कप में लें।
इस्तेमाल का तरीका
- तेल वाले खाने के बाद गुनगुना कप पिएँ, उबलता हुआ नहीं।
- एक छोटा कप काफ़ी है। एक के बाद एक कई तेज़ कप न पिएँ।
- चीनी न डालें। हल्की मिठास चाहिए तो गुड़ का छोटा टुकड़ा काफ़ी है।
मददगार आदतें
- उबाल छोटा रखें ताकि कप हल्का रहे।
- सौंफ को सिर्फ़ हल्का कूटें। बारीक पीसने से चाय गाढ़ी और तेज़ हो जाती है।
सावधानियाँ
- सोंठ गर्म होती है। सीने में पहले से जलन हो तो मात्रा कम रखें।
- गर्मी के मौसम में छोटा कप काफ़ी है। यह ठंडा करने वाला गर्मियों का पेय नहीं है।
- सिर्फ़ सहायक है। दर्द तेज़ हो या बार-बार आए तो डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोंठ की जगह ताज़ा अदरक चल जाएगा?
- ताज़ा अदरक से अलग, हल्की चाय बनती है। इस कप में सौंफ के साथ सोंठ ही छोटी देर उबालनी है।
इसे कब पिएँ?
- तेल वाले या भारी खाने के बाद, जब पेट भरा और गैसी लगे। यह सुबह की सफ़ाई नहीं है।
क्या देर तक उबालना बेहतर है?
- नहीं। करीब पाँच मिनट का विचार है। लंबा, गाढ़ा काढ़ा इस रसोई के कप से ज़्यादा तेज़ हो जाता है।







