पैरों में बेचैनी (रेस्टलेस लेग्स) के घरेलू उपाय: तेल मालिश, स्ट्रेचिंग और आयरन वाला खाना
पैरों में रेंगने या खिंचने जैसी बेचैनी, जो आराम करते समय बढ़े और हिलाने पर कम हो, घंटों जगा सकती है। पैरों में बेचैनी के ये घरेलू उपाय शाम को तेल मालिश, स्ट्रेचिंग और गुनगुने पानी में पैर डुबोकर पैरों को शांत करते हैं, और आयरन व कैफ़ीन जैसे दो आम कारणों पर ध्यान देते हैं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम क्या है
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS) में पैर हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, ज़्यादातर शाम या रात को। शरीर में आयरन का कम भंडार, गर्भावस्था, किडनी की बीमारी, कुछ दवाएँ और कैफ़ीन या शराब इसे शुरू कर सकते हैं या बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर आयरन की जाँच करके इलाज बता सकते हैं।
आयुर्वेद इस बेचैन, चलायमान गुण को वात का विकार मानता है और परंपरा से गुनगुने तिल के तेल की मालिश व शाम की नियमित दिनचर्या अपनाता है।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच तिल का तेल (सर्दी में सरसों का तेल भी)
- गुनगुने पानी का टब और चुटकी भर सेंधा नमक
- आयरन वाला खाना: हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें, राजमा, चना, खजूर, गुड़, और अगर खाते हों तो अंडे या मांस
बनाने की विधि
- तेल हल्का गुनगुना कर लें।
- टब में आराम से गुनगुना पानी भरें और नमक घोल दें।
इस्तेमाल का तरीका
- शाम को 10 मिनट पैर और पिंडलियाँ गुनगुने पानी में डुबोएँ।
- सोने से पहले 5–10 मिनट पिंडलियों और तलवों पर नीचे से ऊपर की ओर लंबे स्ट्रोक में गुनगुने तेल की मालिश करें।
- 5 मिनट पिंडली और जाँघ के पीछे की हल्की स्ट्रेचिंग करें, और रोज़ आयरन वाले खाने के साथ नींबू या आँवला जैसा विटामिन सी लें।
मददगार आदतें
- शाम को चाय, कॉफ़ी, कोला और शराब न लें।
- दिन में 20–30 मिनट टहलें; देर रात बहुत तेज़ कसरत लक्षण बढ़ा सकती है।
- सोने का समय नियमित रखें।
सावधानियाँ
- लक्षण बार-बार हों या नींद बिगाड़ें तो डॉक्टर से आयरन (फ़ेरिटिन), किडनी और दवाओं की जाँच करवाएँ।
- जाँच के बिना आयरन की गोलियाँ न लें; ज़्यादा आयरन नुकसानदेह हो सकता है।
- गर्भवती महिलाएँ पैरों की बेचैनी के बारे में अपने डॉक्टर को बताएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रात में पैरों की बेचैनी में तुरंत क्या मदद करता है?
- उठकर चलना, पिंडलियाँ खींचना, गुनगुने पानी में पैर डुबोना या मालिश अक्सर कुछ देर के लिए लक्षण कम कर देते हैं।
क्या रेस्टलेस लेग्स का संबंध आयरन की कमी से है?
- आयरन का कम भंडार एक जाना-माना कारण है। सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से ख़ून की जाँच करवाएँ।
क्या रेस्टलेस लेग्स और पैरों की ऐंठन एक ही हैं?
- नहीं। ऐंठन मांसपेशी का दर्दनाक कसना है; रेस्टलेस लेग्स में बेचैनी के साथ पैर हिलाने की इच्छा होती है, जो हिलाने पर कम होती है।









