जोड़15 मिनट
मोच के घरेलू उपाय: आराम, बर्फ़, पट्टी, ऊँचाई — फिर हल्दी और हल्की गतिविधि
टेढ़ी सीढ़ी पर मुड़ा टख़ना या गिरते समय झटका खाई कलाई जल्दी सूज सकती है। मोच के घरेलू उपाय पहले दो दिन राइस तरीके — आराम, बर्फ़, पट्टी और ऊँचाई — से शुरू होते हैं, और फिर लिगामेंट को ठीक होने में मदद के लिए पारंपरिक गुनगुना हल्दी लेप और हल्की गतिविधि।

मोच के घरेलू उपाय: पहले 48 घंटे सबसे अहम
मोच लिगामेंट का खिंचना या फटना है — वह मज़बूत पट्टी जो जोड़ पर हड्डियों को जोड़े रखती है। टख़ने और कलाई सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं। हल्की मोच 1–3 हफ़्ते में ठीक होती है; ज़्यादा गंभीर में ज़्यादा समय लगता है। सूजन और नील सामान्य हैं, पर पैर पर बिल्कुल वज़न न डाल पाना फ़्रैक्चर का संकेत हो सकता है।
भारतीय घरों में मोच पर हल्दी और चूने का या सरसों तेल के साथ हल्दी का गुनगुना लेप पारंपरिक उपाय है; आयुर्वेद में भी चोट के लिए हल्दी को महत्व दिया गया है।
सामग्री
- पतले तौलिये में लिपटी बर्फ़ या फ़्रोज़न मटर
- इलास्टिक क्रेप बैंडेज
- 1 छोटा चम्मच हल्दी, थोड़े गुनगुने सरसों तेल या पानी में मिली (तीसरे दिन से)
- पैर ऊँचा रखने के लिए तकिये
बनाने की विधि
- इस्तेमाल से ठीक पहले हल्दी का गाढ़ा लेप बनाएँ; हल्का गुनगुना करें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन 1–2: जोड़ को आराम दें; जागते समय हर 2–3 घंटे में 15–20 मिनट बर्फ़ लगाएँ।
- क्रेप बैंडेज बाँधें — कसी हुई पर ज़्यादा टाइट नहीं — और अंग को दिल से ऊँचा रखें।
- तीसरे दिन से, सूजन कम होने पर, दिन में एक बार 20–30 मिनट गुनगुना हल्दी लेप लगाएँ और धो लें।
- दर्द के हिसाब से टख़ना घुमाने जैसी हल्की गतिविधि शुरू करें, फिर धीरे-धीरे चलना शुरू करें।
मददगार आदतें
- सहारा देने वाले जूते पहनें और कम रोशनी में सीढ़ियों पर ध्यान दें।
- दोबारा मोच से बचने के लिए ठीक होने के बाद संतुलन के व्यायाम (एक पैर पर खड़े होना) करें।
- शुरुआती दिनों में जोड़ की ज़ोर से मालिश न करें।
सावधानियाँ
- बर्फ़ सीधे त्वचा पर न लगाएँ; पहले 48 घंटे ताज़ा सूजे जोड़ पर गरम सिकाई या हल्दी लेप न लगाएँ।
- चोट वाले बच्चों को डॉक्टर को दिखाएँ — ग्रोथ प्लेट को चोट लग सकती है। गर्भवती महिलाएँ सलाह के बिना दर्द निवारक जेल से बचें।
- ख़ून पतला करने वाली दवा लेते हों, किडनी की समस्या या अल्सर हो तो दर्द निवारक से पहले पूछें।
- वज़न न डाल पाएँ, जोड़ टेढ़ा दिखे, सुन्नपन, तेज़ दर्द हो, या 5–7 दिन में सुधार न हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोच में बर्फ़ लगाएँ या गरम सिकाई?
- सूजन रोकने के लिए पहले 48 घंटे बर्फ़; उसके बाद हल्की गर्माहट अकड़न में मदद कर सकती है।
क्या मोच में हल्दी का लेप अच्छा है?
- हल्दी का लेप मोच का पारंपरिक भारतीय उपाय है, जो पहले दो दिन बाद सूजन कम होने पर सबसे अच्छा रहता है।
कैसे पता चले कि मोच है या फ़्रैक्चर?
- तेज़ दर्द, टेढ़ापन और वज़न न डाल पाना फ़्रैक्चर का संकेत है। एक्स-रे की ज़रूरत पड़ सकती है।








