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कोकम सोल कढ़ी: भीगी कोकम, पतला नारियल दूध, जीरा और लहसुन
भीगी कोकम को पतले नारियल दूध में जीरा और थोड़े लहसुन के साथ चलाना, तटीय सोल कढ़ी को छोटा रखना है। गर्मियों में एक मामूली गिलास ही पेय है। हर भोजन के साथ बड़ी कटोरी नहीं।

छोटी कोकम सोल कढ़ी किसके लिए है
कोकम को तब तक भिगोते हैं जब तक पानी गहरा गुलाबी न हो जाए, फिर उसे गाढ़ी मलाई नहीं बल्कि पतले नारियल दूध में मिलाते हैं। जीरा और हल्का लहसुन उसे वह नमकीन पेय बनाते हैं जिसे कई पश्चिमी तटीय रसोइयाँ सोल कढ़ी कहती हैं। छोटा रखा जाए तो यह गर्मियों में खाने के साथ घूँट है।
खट्टी-ठंडी महक मायने रखती है, बड़ा प्याला नहीं। पतला नारियल दूध कई लोगों को गाढ़े मीठे रूप से हल्का लगता है। लहसुन से पेट जले तो यह गिलास छोड़ दें। दर्द, लगातार खट्टी डकार, या पतले दस्त हों तो डॉक्टर से मिलें।
सामग्री
- सूखी कोकम के चार या पाँच टुकड़े
- नारियल से निकला एक छोटा कप पतला नारियल दूध
- जीरे की एक चुटकी
- एक छोटी लहसुन की कली, कुचली हुई
बनाने की विधि
- कोकम को थोड़े गुनगुने पानी में भिगोएँ जब तक रंग गुलाबी न हो, फिर मसलकर छान लें।
- उस तरल को पतले नारियल दूध में जीरा और कुचले लहसुन के साथ चलाएँ। गिलास छोटा रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- गर्मियों में भोजन के साथ एक छोटा गिलास घूँट लें।
- इसे बड़ी कटोरी या दूसरी बार न बनाएँ।
- ताज़ा पिएँ। नारियल वाली कढ़ी को घंटों बिना फ़्रिज के बाहर न छोड़ें।
मददगार आदतें
- नारियल दूध गाढ़ा हो तो कोकम मिलाने से पहले पानी से पतला कर लें।
- लहसुन से पेट बिगड़ता हो तो उसे छोड़ दें, और बाकी भी छोटा रखें।
सावधानियाँ
- कोकम पहले भिगोएँ, और उसे सिर्फ़ पतले नारियल दूध में मिलाएँ।
- इसे गर्मियों का छोटा पेय रखें, हर भोजन पर बड़ी कटोरी नहीं।
- लहसुन और कोकम तीखे लग सकते हैं। पेट जले तो रोक दें। दर्द या पतले दस्त चलते रहें तो डॉक्टर से मिलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गर्मियों में रोज़ सोल कढ़ी की बड़ी कटोरी पी सकते हैं?
- इसे छोटा गिलास रखें। बड़ी कटोरी इस पेय के मतलब से ज़्यादा है।
क्या गाढ़ी नारियल की मलाई चल जाएगी?
- नहीं। कढ़ी में पतला नारियल दूध है। गाढ़ी मलाई पेय को भारी बनाती है।
लहसुन से डकार आती हो तो?
- यह गिलास छोड़ दें। जलन सहने की ज़रूरत नहीं। खट्टी डकार का सिलसिला हो तो डॉक्टर से मिलें।






