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अकड़े जोड़ों के लिए सर्दियों के मेथी–सोंठ लड्डू
उत्तर भारत में सर्दी का मतलब है मेथी के लड्डू — मेथी, सोंठ, आटा, घी और गुड़ से बने छोटे, गरम तासीर वाले मीठे। परिवार पारंपरिक रूप से इन्हें अकड़े जोड़ों वाले बुज़ुर्गों और प्रसव के बाद की माताओं के लिए बनाते हैं।

आयुर्वेद की दृष्टि से
मेथी और सोंठ दोनों गरम हैं और आयुर्वेद में वात को शांत करने के लिए इस्तेमाल होते हैं, जिसे ठंड में बढ़ने वाली जोड़ों की अकड़न और दर्द के पीछे माना जाता है। घी, गेहूँ, गोंद और मेवे लड्डुओं को पौष्टिक बनाते हैं। ये दवा नहीं, मौसमी आहार हैं, इसलिए छोटी मात्रा ही सही है।
सामग्री
- ¼ कप मेथी दाना, आधा कप दूध में रात भर भिगोकर दरदरा पिसा (या ¼ कप मेथी पाउडर)
- 1 कप गेहूँ का आटा
- आधा कप घी
- 1 बड़ा चम्मच सोंठ पाउडर, ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- ¾ कप कसा गुड़; 2–2 बड़े चम्मच कटे बादाम और काजू
बनाने की विधि
- मेथी के पेस्ट को 1 बड़े चम्मच घी में धीमी आँच पर 8–10 मिनट सूखा और ख़ुशबूदार होने तक भूनें। अलग रख दें।
- बचे घी में आटा धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा और सोंधा होने तक (15–20 मिनट) भूनें।
- मेथी, सोंठ, इलायची और मेवे डालें; आँच बंद कर दें। गुनगुना (गरम नहीं) होने पर गुड़ मिलाएँ।
- अखरोट जितने छोटे लड्डू बाँध लें। एयरटाइट डिब्बे में तीन हफ़्ते तक रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- सर्दियों में सुबह गरम दूध के साथ एक छोटा लड्डू खाएँ।
मददगार आदतें
- साथ में रोज़ सैर और जोड़ों को घुमाने वाले व्यायाम करें; हरकत ही जोड़ों को लचीला रखती है।
- अकड़े जोड़ों पर गुनगुने तेल की मालिश इसके साथ अच्छी रहती है।
सावधानियाँ
- इन लड्डुओं में चीनी और चिकनाई ज़्यादा है — डायबिटीज़, हाई कोलेस्ट्रॉल या वज़न की चिंता हो तो न खाएँ या डॉक्टर/डाइटीशियन से पूछें।
- मेथी ब्लड शुगर घटा सकती है और डायबिटीज़ व ख़ून पतला करने की दवाओं से असर मिला सकती है। गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
- सीने में जलन या पतले दस्त हों तो बंद कर दें।





