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लहसुन और जीरे के साथ सहजन के पत्तों की भुनाई
लहसुन और जीरे के साथ ताज़े सहजन के पत्तों की भुनाई चावल या रोटी के साथ कड़वी-मीठी सब्ज़ी बनती है। यह थाली का रोज़ का खाना है, जोड़ पर लेप नहीं और दर्द की गोली नहीं।

सहजन के पत्ते एक साधारण सब्ज़ी
सहजन कई आँगन में उगता है। पत्ते लहसुन और जीरे के साथ गरम कढ़ाई में हल्के कड़वे-मीठे हो जाते हैं, और भोजन के साथ छोटी ढेरी काफ़ी है।
आयुर्वेद सहजन के पत्तों को रोज़ के साग में गिनता है, जोड़ दर्द के तुरंत नुस्खे में नहीं। उन्हें अच्छी तरह पकाएँ, तेल कम रखें, और जोड़ सूजा, गर्म या इस्तेमाल के काबिल न हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
सामग्री
- डंठल निकालकर सहजन के पत्तों की एक बड़ी मुट्ठी
- 2 कटी हुई लहसुन की कलियाँ
- 1/2 छोटा चम्मच जीरा
- कढ़ाई के लिए तेल की कुछ बूँदें
बनाने की विधि
- सहजन के पत्ते धोकर निथारें ताकि कढ़ाई में भाप बनकर मैश न हो जाएँ।
- तेल गर्म करें, जीरा और लहसुन डालें, और लहसुन की खुशबू नरम होने तक पकाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- सहजन के पत्ते डालकर कुछ मिनट भूनें जब तक मुरझाकर पके हुए लगें।
- हल्का नमक डालें और छोटी मात्रा सब्ज़ी की तरह परोसें, खाली पेट बड़ी कटोरी नहीं।
- इसे भोजन के साथ चावल या रोटी के साथ खाएँ। पकी पत्तियाँ जोड़ पर न रगड़ें।
मददगार आदतें
- नरम नए पत्ते पुराने सख्त पत्तों से कम कड़वे होते हैं।
- स्वाद तेज़ हो तो अकेले खाने की जगह गरम चावल में मिला लें।
सावधानियाँ
- यह सब्ज़ी है। सूजे या चोट वाले जोड़ की डॉक्टर वाली देखभाल की जगह नहीं लेती।
- कड़वे पत्तों की बड़ी थाली भारी लग सकती है। एक छोटी मात्रा पर रुकें।
- सहजन से पेट बिगड़े तो रोक दें। बुखार या अचानक सूजन वाला जोड़ दर्द डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सहजन का लेप दुखते घुटने पर लगाएँ?
- नहीं। यह खाने की भुनाई है। यह जोड़ की पट्टी नहीं।
क्या सहजन की फली और पत्ते एक ही हैं?
- नहीं। इस सब्ज़ी में सहजन के पत्ते हैं। सहजन की फली अलग सब्ज़ी है।
कितना खाएँ?
- सामान्य भोजन के साथ छोटी सब्ज़ी काफ़ी है। ज़्यादा पत्ते अकड़े जोड़ का दर्द मिटाने का वादा नहीं।




