बाल20 मिनट
रूसी के लिए नीम वाला नारियल तेल और नींबू-पानी से धुलाई
सिर में खुजली और कंधों पर सफ़ेद पपड़ी? नीम की पत्तियों वाला गुनगुना नारियल तेल और धोने के बाद हल्के नींबू-पानी से धुलाई — रूसी को काबू में रखने की यह दो क़दम वाली पारंपरिक दिनचर्या है।

आयुर्वेद की दृष्टि से
रूसी मोटे तौर पर दो तरह की होती है। सूखी, बारीक पपड़ी और खिंची-सी खोपड़ी वात के रूखेपन की ओर इशारा करती है; चिकनी, पीली पपड़ी और खुजली कफ और पित्त की ओर। दोनों में खोपड़ी पर रहने वाला एक यीस्ट ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ जाता है। आयुर्वेद में नीम को उसके कड़वे, शोधक गुण के लिए महत्व दिया गया है, नारियल तेल खोपड़ी को शांत करता है, और पतला नींबू-पानी जमी परत हटाने में मदद करता है। तेल लगाने जितना ही ज़रूरी है नियमित बाल धोना।
सामग्री
- आधा कप नारियल तेल
- मुट्ठी भर (लगभग 15–20) ताज़ी नीम पत्तियाँ, धोकर पूरी तरह सुखाई हुई
- धुलाई के लिए 1 मग पानी में आधे नींबू का रस
बनाने की विधि
- नारियल तेल धीमी आँच पर गरम करें, नीम की पत्तियाँ डालें और 5–7 मिनट हल्के से चटकने दें जब तक कुरकुरी न हो जाएँ। जलने न दें।
- ठंडा करके साफ़, सूखी शीशी में छान लें और एक महीने तक रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- 1–2 बड़े चम्मच तेल गुनगुना करके 5 मिनट खोपड़ी पर (बालों की लंबाई पर नहीं) मालिश करें।
- 30–60 मिनट रहने दें — चिकनी रूसी हो तो रात भर नहीं — फिर हल्के शैम्पू से धो लें।
- आख़िरी धुलाई के बाद नींबू-पानी खोपड़ी पर डालें, एक मिनट रुकें और सादे पानी से धो लें।
- एक महीने तक हफ़्ते में दो बार करें।
मददगार आदतें
- हफ़्ते में कम से कम दो-तीन बार बाल धोएँ; बहुत देर तक लगा तेल रूसी बढ़ा सकता है।
- कंघी या तौलिया साझा न करें, और तकिये का कवर हर हफ़्ते धोएँ।
- तनाव सँभालें और बहुत मीठा व तला खाना कम करें।
सावधानियाँ
- खुजलाकर छिली या कटी खोपड़ी पर नींबू चुभ सकता है — ऐसे में इसे छोड़ दें।
- नीम का तेल पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर लगाकर देखें।
- पपड़ी मोटी, पीली या जमी हुई हो, चेहरे, कानों या भौंहों तक फैले, लाल चकत्ते या बाल झड़ने के साथ हो, या एक महीने में सुधार न हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ — यह सेबोरिक डर्मेटाइटिस, सोरायसिस या फंगल संक्रमण हो सकता है।


