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बिना फोन के बैठकर खाएं
बिना फोन के बैठकर खाएं, चबाएं, और जब आराम से पेट भर जाए तो रुक जाएं। यह भोजन खाने का तरीका है, वजन घटाने की योजना नहीं।

बैठकर खाया भोजन, फोन के बिना
यह आदत थाली कैसे खाई जाए, उसी के बारे में है। मेज या चटाई पर बैठें, फोन दूर रखें, और अगला कौर लेने से पहले चबाएं। जब आराम से पेट भरे तब रुकें, न बहुत अटके हुए और न इसलिए भूखे कि वीडियो अब तक खत्म नहीं हुआ। खाना वही हो सकता है जो आप पहले से पका चुके हैं।
यहां कुछ भी भोजन नहीं छीनता, बच्चे की थाली नहीं काटता, और वजन, मधुमेह या पाचन का इलाज नहीं करता। आराम से भरा पेट उपवास नहीं है। जिन्हें चक्कर आते हों, जो ठीक हो रहे हों, या जिन्हें ज्यादा खाने को कहा गया हो, वे इस पन्ने को खाना छोड़ने का कारण न बनाएं। खाने में दर्द हो या निगलना कठिन हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
सामग्री
- जो भोजन आप पहले ही पका चुके हैं
- थाली के पास पानी का एक गिलास
- बैठने के लिए कुर्सी या फर्श की चटाई
बनाने की विधि
- फोन दूसरे कमरे या पहुंच से बाहर रखें, और थाली वहां लगाएं जहां बैठ सकें।
- जितना आराम से खा सकें उतना परोसें, और पास में पानी रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- पहला कौर लेने से पहले बैठ जाएं।
- चबाएं, और स्क्रॉल करने के बजाय निवालों के बीच रुकें।
- जब आराम से पेट भर जाए तब रुक जाएं।
मददगार आदतें
- बिना स्क्रीन का छोटा भोजन वीडियो के साथ लंबे भोजन से ज्यादा ध्यान में रहता है।
- साथ खा रहे हों तो उन मिनटों में थाली और बातचीत काफी है।
सावधानियाँ
- यह खाने की आदत है, वजन घटाने की योजना नहीं और चिकित्सकीय सलाह नहीं।
- आराम से भरे पेट को जरूरी खाना छोड़ने का कारण न बनाएं।
- खाने में दर्द हो या निगलना मुश्किल हो तो डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों को भूखा न रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैठकर खाने से वजन घटता है?
- नहीं। यह केवल बिना फोन के, जो खाना पहले से है उसे खाने का तरीका है।
आराम से पेट भरना क्या है?
- अटकने से पहले रुकना। इसका मतलब भोजन छोड़ना नहीं है।
क्या फोन मेज पर रख सकते हैं?
- इस आदत में उसे दूर रखा जाता है ताकि उस भोजन में चबाने पर ध्यान रहे।





