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लू से बचाव: आम पन्ना, सत्तू शरबत और गर्मी के दूसरे ठंडे पेय
उत्तर भारत की गर्मी झुलसाने वाली लू और हीट एग्ज़ॉशन व हीटस्ट्रोक का असली ख़तरा लाती है। आम पन्ना, सत्तू शरबत, छाछ और नारियल पानी जैसे पारंपरिक ठंडे पेय, समझदारी भरी आदतों के साथ, शरीर को पानी से भरपूर और ठंडा रखने में मदद करते हैं।

आयुर्वेद की दृष्टि से
आयुर्वेद के अनुसार गर्मी (ग्रीष्म ऋतु) वह मौसम है जब सूरज शरीर से नमी और बल खींच लेता है। इस ऋतु की शास्त्रीय सलाह है मीठा, ठंडा, तरल, हल्का भोजन, दोपहर की गर्मी में आराम, और ज़्यादा तीखा, नमकीन, खट्टा खाना व धूप में भारी व्यायाम से बचना। कच्चे आम का पन्ना और भुने चने का सत्तू गर्मी के आज़माए हुए क्षेत्रीय जवाब हैं।
सामग्री
- आम पन्ना: 1 कच्चा आम, गुड़ या चीनी, भुना जीरा पाउडर, काला नमक, पुदीना
- सत्तू शरबत: 2 बड़े चम्मच सत्तू, 1 गिलास ठंडा पानी, नींबू का रस, भुना जीरा, काला नमक, कटा प्याज़ या पुदीना (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- आम पन्ना: कच्चे आम को नरम होने तक उबालें या भूनें, गूदा निकालें, पानी, थोड़ा गुड़, जीरा, काला नमक और पुदीने के साथ पीस लें। इस गाढ़े घोल के 3–4 बड़े चम्मच एक गिलास पानी में मिलाएँ।
- सत्तू शरबत: सत्तू को पानी में चिकना होने तक फेंटें, फिर नींबू, जीरा और नमक डालें।
इस्तेमाल का तरीका
- दोपहर में बाहर निकलने से पहले इनमें से एक गिलास पिएँ, और दिन भर पानी, छाछ या नारियल पानी घूँट-घूँट लेते रहें।
- हो सके तो दोपहर 12 से 4 बजे तक घर के अंदर रहें।
मददगार आदतें
- ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर सिर ढकें।
- मौसम की ठंडी चीज़ें खाएँ: तरबूज़, खीरा, ख़रबूज़ा, दही-चावल, लौकी।
- लू के दिनों में बुज़ुर्ग पड़ोसियों, छोटे बच्चों और बाहर काम करने वालों का हाल पूछते रहें।
सावधानियाँ
- डायबिटीज़ हो तो ये पेय बिना चीनी या गुड़ के बनाएँ; कम नमक वाले आहार पर हों तो काला नमक सीमित रखें।
- हीटस्ट्रोक आपात स्थिति है: तेज़ बुखार, उलझन, बेहोशी, गरम सूखी त्वचा या पसीना बंद होना — व्यक्ति को छाँव में ले जाएँ, पानी से ठंडा करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
- शिशुओं, बुज़ुर्गों और दिल या किडनी के रोगियों को ख़ास देखभाल चाहिए; तरल की ज़रूरत के बारे में डॉक्टर से पूछें।





