महिला स्वास्थ्य10 मिनट
हफ्ते में एक या दो बार केसर दूध
गुनगुने दूध में केसर की दो कलियाँ, हफ्ते में एक या दो बार, पुराना छोटा-सा आराम है। यह रोज़ की बड़ी मात्रा नहीं, और हार्मोन का इलाज नहीं।

हफ्ते में केसर दूध का छोटा कप
केसर स्वाद में तेज़ होता है और बड़ी चुटकी ज़रूरी नहीं। इस आदत के लिए दूध में दो कलियाँ काफी हैं। हर रात नहीं, हफ्ते में एक या दो बार रखें।
यह कप साफ रंग, बिना दर्द की माहवारी या मूड बदलने का वादा नहीं करता। गर्भावस्था हो या हार्मोन का उपचार चल रहा हो तो केसर को नियमित पेय बनाने से पहले डॉक्टर से पूछें। कलियाँ तेज़ इत्र जैसी लगें तो नकली हो सकती हैं। उन्हें न लें।
सामग्री
- केसर की 2 कलियाँ
- 1 छोटा कप दूध
- केसर को पहले नरम करने के लिए उसी गुनगुने दूध की एक चम्मच
बनाने की विधि
- केसर की दो कलियों को कुछ मिनट एक चम्मच गुनगुने दूध में भिगोएँ।
- बाकी दूध गुनगुना करें, केसर मिलाएँ, और ज़ोर से न उबालें।
इस्तेमाल का तरीका
- हफ्ते में एक या दो बार एक छोटा कप पिएँ, रोज़ नहीं।
- शाम को पेय की तरह लें, कई गाढ़ी चम्मचों की तरह नहीं।
- दो कलियों पर रुकें। बड़ी चुटकी ज़्यादा उपयोगी नहीं।
मददगार आदतें
- केसर दूध को धीरे रंगे और फूलों जैसी खुशबू दे, तेज़ इत्र जैसी नहीं।
- केसर दूध किसी और वजह से पहले से पीते हों तो अतिरिक्त कप न जोड़ें।
सावधानियाँ
- इसे केसर की रोज़ की बड़ी मात्रा न बनाएँ।
- गर्भावस्था में या हार्मोन की दवा पर, नियमित करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- यह मूड, गर्भधारण या माहवारी के दर्द का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या केसर दूध हर रात पीना चाहिए?
- नहीं। यह हफ्ते में एक या दो बार का छोटा कप है, रोज़ की बड़ी मात्रा नहीं।
क्या केसर दूध दर्द या हार्मोन का इलाज है?
- नहीं। यह छोटा रसोई पेय है। दर्द, मूड, गर्भ या हार्मोन का इलाज नहीं।
क्या केसर की बड़ी चुटकी ले सकते हैं?
- नहीं। यहाँ दो कलियाँ काफी हैं। ज़्यादा बेहतर नहीं।




