मुँह की देखभाल15 मिनट
बबूल की छाल से मुँह का कुल्ला
बबूल की छाल का छोटा टुकड़ा उबालें, पानी ठंडा करें, और मुँह कुल्ला करें। थूक दें। यह कुल्ला हिलते दाँतों या संक्रमण का इलाज नहीं।

ठंडा बबूल कुल्ला, जिसे थूकें
बबूल की छाल कषाय होती है, इसलिए पुरानी आदतों में उसका हल्का पानी कुल्ले की तरह इस्तेमाल हुआ। टुकड़ा छोटा हो, उबाल छोटा हो, और कप मुँह के पास आने से पहले ठंडा हो। छाल का बड़ा टुकड़ा नहीं चबाते।
भरोसे की छाल लें। अनजाने काँटेदार पेड़ से न तोड़ें। कुल्ला थूक दें। हिलता दाँत, सूजता मसूड़ा या रात का दर्द दाँतों के डॉक्टर का विषय है। छाल का पानी ढीले दाँत को जगह पर नहीं खींचता।
सामग्री
- बबूल की छाल का छोटा टुकड़ा, करीब 2 सेंटीमीटर
- 2 कप पानी
- छानने के बाद बबूल का कुल्ला अभी गर्म हो तो और ठंडा पानी
बनाने की विधि
- बबूल की छाल धोकर करीब 10 मिनट पानी में उबालें।
- छानें, ठंडा या हल्का गुनगुना होने तक ठंडा करें, और छाल फेंक दें।
इस्तेमाल का तरीका
- एक घूँट घुमाएँ और थूक दें। निगलें नहीं।
- दूसरी बार काफी है। मुँह में रोककर न बैठें।
- ताज़ा बनाएँ। छाल का पानी अगले दिन के लिए न रखें।
मददगार आदतें
- ठंडा कुल्ला ही मकसद है। गर्म छाल का पानी जला सकता है।
- स्वाद बहुत तीखा हो तो और उबालने के बजाय पतला करें।
सावधानियाँ
- बबूल का कुल्ला थूक दें। पीएँ नहीं।
- मुँह बहुत सूखा, दुखता या अप्रिय कसा लगे तो रोक दें।
- यह हिलते दाँत, फोड़ा या जारी रक्तस्राव का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बबूल की छाल का पानी पी सकते हैं?
- नहीं। यह ठंडा मुँह कुल्ला है। थूक दें।
क्या बबूल की छाल हिलते दाँत कस देती है?
- नहीं। यह हिलते दाँतों का इलाज नहीं। हिलता दाँत दाँतों के डॉक्टर को दिखाएँ।
क्या कुल्ला गर्म होना चाहिए?
- नहीं। पहले ठंडा करें। गर्म छाल का पानी मुँह जला सकता है।




