नींद और तनाव5 मिनट
आधा पका केला और चुटकी भर दालचीनी
अगर रात को भूख जगाए, तो आधा पका केला और चुटकी भर दालचीनी छोटा नाश्ता है। पूरा फल और अतिरिक्त मसाला नहीं, और अनिद्रा का इलाज भी नहीं।

भूख जगाए तो छोटा सा कौर
इस नाश्ते की वजह संकरी है: भूख से जागना, ऊब से नहीं और न हर रात बिस्तर में खाने की आदत। एक पके केले का आधा भाग लें और कटे हिस्से पर चुटकी भर दालचीनी। बाकी आधा किसी और भोजन के लिए रह सकता है।
कच्चा केला स्टार्च वाला होता है और यहाँ वही फल नहीं। दालचीनी की चम्मच चुटकी से बहुत बड़ी है और तीखी लग सकती है। यह नाश्ता अनिद्रा का इलाज नहीं करता। जो मीठा कम रखते हैं, या जिन्हें केला या दालचीनी न भाए, वे इसे छोड़कर अपना जाना-पहचाना सादा कौर ले सकते हैं।
सामग्री
- एक पके केले का आधा भाग
- चुटकी भर दालचीनी
- बाकी आधा किसी और भोजन के लिए अलग
बनाने की विधि
- पका केला छीलकर आधा काटें। दूसरा आधा इस नाश्ते में न लें।
- कटे हिस्से पर सिर्फ चुटकी भर दालचीनी छिड़कें।
इस्तेमाल का तरीका
- आधा तभी खाएँ जब रात को भूख ने जगाया हो, रोज की आधी रात की मिठाई की तरह नहीं।
- और खाने का मन हो तब भी उसी आधे पर रुकें।
- दालचीनी की चुटकी पूरी मात्रा है। फल में चम्मच न चलाएँ।
मददगार आदतें
- पका मतलब छिलका नरम और फल मीठा हो, हरा और कड़ा नहीं।
- दालचीनी तेज लगे तो चुटकी पार हो गई है। अतिरिक्त झाड़ दें।
सावधानियाँ
- यह नाश्ता अनिद्रा का इलाज नहीं करता।
- केला या दालचीनी न भाए तो छोड़ दें। मीठा सीमित हो तो मात्रा छोटी रखें।
- सूखी दालचीनी का टुकड़ा उस बच्चे को न दें जो पाउडर साँस में खींच सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नाश्ते में केला कितना है?
- एक पके केले का आधा, पूरा फल नहीं और दूसरी बार नहीं।
इसे कब खाएँ?
- जब रात को भूख जगाए। जागने का इलाज नहीं, उस हाल में छोटा नाश्ता भर है।
दालचीनी कितनी?
- कटे हिस्से पर एक चुटकी। चम्मच इस आदत के लिए ज्यादा है।






