सर्दी-खाँसी8 मिनट
काली मिर्च और गुड़ का कौर
कुटी हुई काली मिर्च के कुछ कण छोटे गुड़ में दबाकर धीरे चबाए जाते हैं।

काली मिर्च और गुड़ का कौर
दो काली मिर्च कुचलकर दाल के दाने जितने गुड़ में दबा दी जाती हैं। गला खरखराए तो यह एक तीखा छोटा कौर है। धीरे चबाएं और रुक जाएं। दिन भर दोहराई जाने वाली मिठाई नहीं, और खांसी का इलाज भी नहीं।
तीखाई की आदत न हो तो मिर्च और कम रखें। छोटे बच्चों के मुंह में सख्त कौर अटक सकता है, और मिर्च उनके लिए बहुत तेज है। मुंह के छाले, एसिडिटी, या मिर्च और अतिरिक्त मीठा बचाने की सलाह हो तो छोड़ दें। खांसी कुछ दिनों से आगे रहे तो डॉक्टर को दिखाएं।
सामग्री
- 2 काली मिर्च
- दाल के दाने जितना गुड़
- गुड़ सख्त हो तो दबाने के लिए कुछ बूंद गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- काली मिर्च मोटा कुचलें। गुड़ सख्त हो तो चम्मच से नरम कर लें।
- मिर्च को गुड़ में दबाकर एक छोटा कौर बना लें।
इस्तेमाल का तरीका
- धीरे चबाएं। मिर्च तीखी लगे तो बाद में थोड़ा गुनगुना पानी पी लें।
- दिन में एक कौर काफी है।
- गला दुखता रहे या खांसी कुछ दिनों से आगे बढ़े तो डॉक्टर से मिलें।
मददगार आदतें
- तीखाई जल्दी सताए तो एक ही मिर्च से शुरू करें।
- उसी समय बनाएं। मिर्च दिन भर गुड़ में पड़ी रहे तो खुशबू फीकी पड़ जाती है।
सावधानियाँ
- छोटे बच्चों के लिए नहीं। सख्त कौर अटक सकता है और मिर्च बहुत तेज होती है।
- मुंह के छाले, एसिडिटी, या मिर्च व अतिरिक्त मीठा मना हो तो छोड़ दें।
- यह जुकाम या खांसी का इलाज नहीं। खांसी बनी रहे, बुखार हो, या सीने में दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौर में कितनी मिर्च पड़ती है?
- एक या दो काली मिर्च, कुचलकर, बहुत छोटे गुड़ में।
क्या बच्चा यह कौर ले सकता है?
- नहीं। छोटे बच्चों के लिए यह नहीं है।
क्या इससे गले की खराश ठीक हो जाती है?
- नहीं। यह छोटा गर्म निवाला है। खांसी कुछ दिनों से ज्यादा रहे तो डॉक्टर से मिलें।



