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पेठा के रस का छोटा गिलास, पानी और जीरे के साथ पतला
पेठा का रस आसानी से ज़्यादा हो जाता है। यह रूप छोटा गिलास है, पानी से पतला, जीरे की चुटकी और पुदीने की पत्ती के साथ। ठंडा घूँट है, लंबा डिटॉक्स गिलास नहीं।

पेठा का रस, छोटा और हल्का
पेठा, जिसे कई घर सफ़ेद कद्दू भी कहते हैं, बहुत हल्के स्वाद वाली पानी भरी सब्ज़ी है। इसका थोड़ा रस पानी मिलाकर पीना गाढ़े गिलास से आसान है। जीरा स्वाद को फीका नहीं रहने देता, और पुदीना ठंडी महक जोड़ता है।
पित्त की गर्मी ज़्यादा लगे तो आयुर्वेद की रसोई ऐसा पानी वाला ठंडा घूँट रखती है। छोटा पतला गिलास उस गर्मी को शांत कर सकता है। यह डॉक्टर का विकल्प नहीं। कड़वी लौकी अलग सब्ज़ी है, उसे इस रस में न लें।
सामग्री
- पेठा का छोटा टुकड़ा
- जीरे की एक चुटकी
- रस पतला करने के लिए पानी
- पुदीने की एक-दो पत्तियाँ
बनाने की विधि
- पेठा छीलें, नरम बीज हटाएँ और छोटा टुकड़ा थोड़े पानी के साथ पीस लें।
- छानें, जब तक गिलास हल्का लगे पानी मिलाएँ, और जीरा तथा पुदीना चलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- छोटा गिलास पिएँ, करीब आधा टंबलर, बड़ी बोतल नहीं।
- दिन के गर्म हिस्से में ताज़ा बनाकर लें।
- धीरे पिएँ। भोजन की जगह रस न रखें।
मददगार आदतें
- कच्चा टुकड़ा पहले चखें। पेठा हल्का लगना चाहिए। कड़वा हो तो फेंक दें, पिएँ नहीं।
- कच्ची तीखी चुटकी से भुना जीरा बेहतर बैठता है।
सावधानियाँ
- टुकड़ा कड़वा लगे तो फेंक दें। कड़वाहट को नमक या पुदीने से ढकने की कोशिश न करें।
- गिलास पतला और छोटा रखें। किसी भी सब्ज़ी का बड़ा रस पेट बिगाड़ सकता है।
- सिर्फ़ सहायक घूँट है, डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पेठा और लौकी एक ही हैं?
- नहीं। पेठा मोमी सफ़ेद कद्दू है। कड़वी लौकी की जगह इसे न डालें।
क्या रस रख सकते हैं?
- ताज़ा पिएँ। कटी पेठा का रस जल्दी बिगड़ता है, कई दिन फ़्रिज में न छोड़ें।
क्या चीनी डालें?
- नहीं। जीरा, पुदीना और पानी काफ़ी हैं। मीठा करने से यह अलग पेय बन जाता है।





