मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics
जोड़20 मिनट

साइटिका के घरेलू उपाय: सिकाई, हल्के स्ट्रेच और सक्रिय रहना

साइटिका एक जलन या करंट जैसा दर्द है जो कमर या कूल्हे से एक पैर के पीछे तक जाता है। साइटिका के घरेलू उपाय — बारी-बारी से ठंडी और गरम सिकाई, हल्के स्ट्रेच, बिस्तर पर आराम की जगह बार-बार छोटी सैर, और बैठने का बेहतर तरीका — कई लोगों को दर्द के दौर से निकलने में मदद करते हैं, जो अक्सर कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाता है।

चित्र में बर्फ़, तिल, तह किया कपड़ा की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

साइटिका के घरेलू उपाय: पैर में दर्द क्यों होता है

साइटिक नस कमर की रीढ़ से कूल्हे होते हुए हर पैर तक जाती है। उभरी डिस्क, संकरी रीढ़ की नली या कसी पिरिफ़ॉर्मिस मांसपेशी इस पर दबाव डाल सकती है, जिससे पैर में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन होता है। ज़्यादातर मामले समय और गतिविधि से सुधरते हैं; लंबा बिस्तर का आराम आमतौर पर रिकवरी धीमी करता है।

आयुर्वेद इसे गृध्रसी कहता है (गिद्ध जैसी चाल के कारण यह नाम), जो वात विकार है, और गुनगुना तेल, सिकाई (स्वेदन) और विशेषज्ञ की देखरेख में बस्ति इस्तेमाल करता है।

सामग्री

  • तौलिये में लिपटा आइस पैक
  • गरम पानी की थैली
  • गुनगुना तिल या महानारायण तेल
  • कमर के सहारे के लिए सख़्त कुशन या लपेटा तौलिया

बनाने की विधि

  1. आइस पैक फ़्रीज़र में रखें और तेल गरम पानी के बर्तन में गुनगुना करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • पहले 2–3 दिन दिन में कुछ बार 15 मिनट बर्फ़ लगाएँ; उसके बाद 15–20 मिनट गरम सिकाई करें।
  • कमर और कूल्हे पर गुनगुने तेल से हल्की मालिश करें।
  • घुटना-छाती की ओर स्ट्रेच और बैठकर हल्का पिरिफ़ॉर्मिस स्ट्रेच करें, हर एक 20–30 सेकंड, जब तक पैर का दर्द न बढ़े।
  • पूरे दिन लेटे रहने की जगह हर एक-दो घंटे में 5–10 मिनट टहलें।

मददगार आदतें

  • कमर के पीछे कुशन रखकर और पैर ज़मीन पर सपाट रखकर बैठें।
  • भारी सामान उठाने और मुड़ने से बचें; चीज़ें उठाते समय घुटने मोड़ें।
  • घुटनों के बीच तकिया रखकर करवट से सोएँ।

सावधानियाँ

  • जिस स्ट्रेच से पैर का दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट बढ़े, उसे रोक दें।
  • गर्भवती महिलाओं को अक्सर साइटिका जैसा दर्द होता है; व्यायाम से पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें। बच्चों में साइटिका दुर्लभ है और डॉक्टर की जाँच ज़रूरी है।
  • अल्सर, किडनी की बीमारी हो या ख़ून पतला करने वाली दवा लेते हों तो दर्द निवारक से पहले डॉक्टर से पूछें।
  • जाँघों के जोड़ या कूल्हों के आसपास सुन्नपन, पेशाब या मल पर नियंत्रण खोना, पैर में कमज़ोरी या पंजा लटकना, दोनों पैरों में दर्द, या गिरने के बाद या बुखार के साथ दर्द हो तो तुरंत इलाज लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साइटिका कितने दिन में ठीक होती है?

ज़्यादातर साइटिका 4–6 हफ़्तों में सुधर जाती है। इससे लंबा या बढ़ता दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।

क्या साइटिका में चलना अच्छा है?

हाँ, बार-बार छोटी सैर आमतौर पर बिस्तर के आराम से ज़्यादा मदद करती है।

साइटिका में गरम सिकाई या ठंडी?

पहले कुछ दिन बर्फ़ मदद कर सकती है; बाद में गरम सिकाई आमतौर पर बेहतर लगती है। जिससे आराम मिले, वही करें।
सभी देखें: जोड़ों के दर्द के घरेलू उपाय