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सुबह जीभ साफ करना, हल्के हाथ से

हर सुबह ब्रश से पहले जीभ को हल्के से साफ करें, फिर पानी से कुल्ला। जब तक आराम लगे तब तक रुक जाएं। यह मुंह की दुर्गंध या बीमारी का इलाज नहीं।

बाथरूम की शेल्फ पर स्टील की जीभ खुरपी और पानी का स्टील कप, बिना लोगों की सादी स्थिर तस्वीर।

सुबह की हल्की जीभ सफाई

नींद के बाद जीभ पर हल्की परत बैठ सकती है। साफ खुरपी एक बार पीछे से सिरे की ओर खींचने पर वह परत उठती है, और ब्रश अपेक्षाकृत ताजे मुंह पर शुरू होता है। कुछ हल्के दौरे काफी हैं। मकसद आरामदेह जीभ है, रगड़ का निशान नहीं।

यह मसूड़ों की बीमारी, पेट की तकलीफ या लंबे समय की दुर्गंध का इलाज नहीं करता। जीभ दुखे, कई दिनों तक मोटी परत रहे, या खून आए तो रुकें और दंत चिकित्सक से पूछें। जो बच्चा हाथ हल्का न रख सके, वह इसे छोड़कर सिर्फ कुल्ला करे।

सामग्री

  • मुंह और खुरपी धोने के लिए साफ पानी
  • स्टील की जीभ खुरपी
  • बेसिन के पास एक कप

बनाने की विधि

  1. शुरू करने से पहले खुरपी पानी से धो लें, और ब्रश से पहले बेसिन पर खड़े हों।
  2. जीभ उतनी ही बाहर निकालें जितना आसान लगे। गले पर जोर न डालें।

इस्तेमाल का तरीका

  • हल्के हाथ से खुरपी को जीभ के पिछले हिस्से से सिरे की ओर एक बार खींचें।
  • खुरपी पानी से धोएं और सिर्फ कुछ बार दोहराएं।
  • अंत में मुंह पानी से कुल्ला करें, फिर अपनी आदत के अनुसार ब्रश करें।

मददगार आदतें

  • समय सुबह है। दिन भर जोर से खुरचने से मुंह सूखता है।
  • जिस खुरपी का किनारा मुड़ गया हो उसे बदल दें। नुकीला कटाव काट सकता है।

सावधानियाँ

  • हाथ हल्का रखें। खून आने या जीभ छिलने तक न रगड़ें।
  • जीभ साफ करना दांत के संक्रमण, साइनस या पेट की बीमारी से आई दुर्गंध का इलाज नहीं है।
  • दुखी, कटी या संक्रमित जीभ पर छोड़ दें, और बच्चे को उल्टी करवाने का तरीका न बनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्रश से पहले साफ करें या बाद में?

ब्रश से पहले, फिर पानी से कुल्ला करके ब्रश करें। कुछ हल्के दौरे काफी हैं।

जीभ से खून आए तो?

रुक जाएं। खून आने तक सफाई जारी नहीं रखनी। दुखी जीभ को दंत चिकित्सक चाहिए, और जोर की खुरपी नहीं।

क्या इससे मुंह की दुर्गंध ठीक हो जाएगी?

नहीं। यह सुबह की आदत है। बनी रहने वाली दुर्गंध के लिए दांत जांच जरूरी है।