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उठते ही गुनगुना पानी, सादे कप में
जागते ही स्टील या मिट्टी के कप में एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। यह सुबह की आदत है। यह पन्ना यह दावा नहीं करता कि तांबा, या कोई कप, बीमारी ठीक करता है।

उठते ही गुनगुना पानी, बिना इलाज के दावे
आदत सरल है: जागने के बाद, चाय या कॉफी से पहले, एक गिलास पानी धीरे पिएं जो गुनगुना हो, उबलता नहीं। स्टील का कप या मिट्टी का कप काफी है। हो सके तो एक मिनट बैठ जाएं। अभ्यास पूरा यहीं है।
कुछ घर पानी तांबे में रखते हैं। यह गाइड यह दावा नहीं करती कि तांबा कुछ ठीक करता है। धातु का बर्तन फिर भी सिर्फ कप है। गुनगुना पानी डिटॉक्स नहीं, वजन घटाने का पेय नहीं, और कब्ज, जोड़ों या जिगर का इलाज नहीं। जिन्हें तरल सीमित रखने को कहा गया हो, वे उसी सलाह पर रहें।
सामग्री
- गुनगुने पीने के पानी का एक गिलास
- स्टील का कप
- स्टील की जगह मिट्टी पसंद हो तो मिट्टी का कप
बनाने की विधि
- पानी को आराम से गुनगुना होने तक गर्म करें, फिर एक गिलास स्टील या मिट्टी के कप में डालें।
- कुछ सेकंड रहन दें ताकि पहली घूंट जीभ जलाए नहीं।
इस्तेमाल का तरीका
- जागते ही धीरे पिएं, पहली चाय या कॉफी से पहले।
- एक गिलास ही आदत है। कई लीटर जबरदस्ती न पिएं।
- नींद से मुंह सूखा हो तो यह घूंट हल्की जीभ सफाई और कुल्ले के बाद आ सकता है।
मददगार आदतें
- गुनगुना मतलब कप आसानी से हाथ में रहे। उबलता पानी बेहतर नहीं।
- वही पानी लें जिस पर पीने का भरोसा पहले से हो। कप असुरक्षित पानी को शुद्ध नहीं करता।
सावधानियाँ
- यह दावा न करें, और यह पन्ना नहीं करता, कि तांबे का कप कोई बीमारी ठीक करता है। यहां कप स्टील या मिट्टी का है।
- गुनगुना पानी आदत है, पाचन, वजन, जोड़ों या जिगर का इलाज नहीं।
- डॉक्टर ने तरल सीमित किया हो तो अतिरिक्त गिलास छोड़ दें, और बच्चे को बहुत गर्म पानी कभी न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या तांबे का पानी बीमारी ठीक करता है?
- नहीं। यह पन्ना यह दावा नहीं करता कि तांबा कुछ ठीक करता है। आदत स्टील या मिट्टी के कप में गुनगुना पानी है।
कितना पिएं?
- जागते ही एक आरामदेह गिलास। जग खत्म करने की चुनौती नहीं।
क्या यह सुबह की दवा की जगह ले सकता है?
- नहीं। यह सिर्फ पानी है। डॉक्टर की दवा और समय ज्यों के त्यों रखें।





