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पुदीना: रसोई में फायदे और इस्तेमाल

पुदीना वही पुदीना है जो थाली में आता है। चटनी, छोटी चाय, या नींबू और जीरे के साथ ठंडा साथ बनाएं। यह रसोई की बात है, दवा की नहीं।

स्टील की थाली पर ताजा पुदीना, कटा नींबू और जीरा, पास में पुदीने के हल्के पानी का गिलास, रसोई की स्थिर तस्वीर।

थाली में पुदीना के फायदे और इस्तेमाल

पुदीना रसोई की ताजी पत्तियों में से है। मुट्ठी भर पत्ते नींबू और जीरे के साथ चटनी बनते हैं, कुछ पत्ते हल्की चाय देते हैं, और दही या दाल पर छिड़कने से गर्म दिन में स्वाद ठंडा लगता है। मतलब साफ है: स्वाद और खाने के साथ एक हरा साथ।

मात्रा खाने जैसी रखें। एक चम्मच चटनी या एक छोटी प्याली हल्की चाय काफी है। हर सुबह पुदीने का बड़ा गिलास जरूरी नहीं, और पुदीना एसिडिटी, खांसी या संक्रमण का इलाज नहीं है।

सामग्री

  • ताजा पुदीना की पत्तियों का छोटा गुच्छा
  • आधा नींबू
  • जीरे की एक चुटकी
  • चटनी गीली करने के लिए एक चम्मच पानी

बनाने की विधि

  1. पुदीना धोकर पत्ते चुनें और नींबू तथा जीरे के साथ मोटा कूटकर चटनी बनाएं। सूखी लगे तो एक चम्मच पानी डालें।
  2. चाय के लिए कुछ पत्ते मसलकर उबले पानी में तीन-चार मिनट भिगोएं और छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • चटनी का एक चम्मच दोपहर के खाने के साथ लें, खाली पेट कटोरी भरकर नहीं।
  • भारी भोजन के बाद स्वाद भाए तो पुदीने की एक छोटी प्याली चाय पिएं।
  • धोए हुए दिन ही पत्ते दही, दाल, या नींबू-जीरे वाले सलाद पर डालें।

मददगार आदतें

  • गुच्छा उसी दिन इस्तेमाल करें। मुरझाया पुदीना घास जैसा कड़वा लगता है।
  • बचे पत्ते छाया में सुखाकर हफ्ते में बाद की हल्की चाय के काम आते हैं।

सावधानियाँ

  • पुदीने की चाय और चटनी रसोई का खाना है, एसिडिटी, खांसी या संक्रमण का इलाज नहीं।
  • सीने में जलन हो तो बंद कर दें। ठंडी पत्तियां हर पेट को रास नहीं आतीं।
  • पत्ते अच्छी तरह धोएं। कीटनाशक छिड़के पौधे इस्तेमाल न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हर सुबह पुदीने का पानी पी सकता हूं?

हल्की एक प्याली ज्यादातर बड़ों के लिए ठीक है, अगर पचे। यह सफाई कार्यक्रम नहीं, और बड़ा गिलास जरूरी नहीं।

क्या पुदीने की चटनी दवा है?

नहीं। यह पुदीना, नींबू और जीरे का साथ है। खाने के साथ खाएं।

क्या बच्चों को पुदीने की चाय दे सकते हैं?

खाने में कुछ ताजी पत्तियां आसान रास्ता है। छोटे बच्चों के लिए कड़क पुदीने की चाय न बनाएं।