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बंद पलकों पर रखा गया गुलाब जल का सेक

गरमी या लंबी स्क्रीन के बाद थकी आँखों पर सादे गुलाब जल में भिगोई रुई बंद पलकों पर रखी जा सकती है। सेक बाहर ही रहता है। आँख के अंदर कुछ नहीं जाता।

लकड़ी के बोर्ड पर गुलाब जल से भरी पीतल की छोटी कटोरी और दो सादी रुई की पट्टियाँ

गुलाब जल केवल बंद पलकों पर

रसोई का गुलाब जल यहाँ नरम कपड़े की तरह है, बूँद की तरह नहीं। रुई भिगोएँ, निचोड़ें ताकि टपके नहीं, और बंद पलकों पर रखें।

आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। घर का आईवॉश नहीं, और घी, गुलाब जल, दूध या खीरा आँख के अंदर नहीं जाता। सेक बंद पलकों पर ही रहता है। दर्द, रोशनी से तकलीफ या लाल आँख हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच सादा गुलाब जल
  • दो साफ रुई की पट्टियाँ
  • पट्टियाँ धोने के लिए ठंडे पानी की छोटी कटोरी

बनाने की विधि

  1. सादा गुलाब जल साफ कटोरी में लें। घी, दूध या कुछ और न मिलाएँ।
  2. दो रुई की पट्टियाँ भिगोकर इतना निचोड़ें कि नम रहें, टपकें नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • आँखें पूरी बंद करें। हर बंद पलक पर एक पट्टी रखें।
  • लगभग पाँच मिनट आराम करें। सेक बंद पलकों पर ही रहे।
  • पट्टियाँ हटाएँ, आँख के पास की त्वचा पोंछें, और हाथ धोएँ।

मददगार आदतें

  • गरम दिन में बोतल फ्रिज में रखें ताकि रुई ठंडी लगे।
  • हर बार नई पट्टी लें। त्वचा से लगी पट्टी दोबारा इस्तेमाल न करें।

सावधानियाँ

  • आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। गुलाब जल बंद पलकों पर रहता है और घर का आईवॉश नहीं है।
  • घी, गुलाब जल, दूध या खीरा आँख के अंदर नहीं जाता। तरल जलाए तो रुई तुरंत हटाएँ।
  • कॉन्टैक्ट लेंस, कटी त्वचा, दर्द, बहुत लाल आँख या डिस्चार्ज पर यह न करें। डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गुलाब जल की बूँद आँख में डाल सकते हैं?

नहीं। आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। गुलाब जल रुई पर, बंद पलकों के ऊपर रहता है। यह घर का आईवॉश नहीं है।

सेक कितनी देर रखें?

लगभग पाँच मिनट काफी हैं। सेक बंद पलकों पर रहे, फिर हट जाए। गीली रुई लगाकर न सोएँ।

आँख लाल हो या दर्द करे तो?

सेक छोड़ें और डॉक्टर को दिखाएँ। घर की पट्टी केवल थकी बंद पलकों के लिए है, चोट लगी आँख के लिए नहीं।
सभी देखें: आँखों के घरेलू उपाय