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तुलसी पत्ते का मुंह कुल्ला

तुलसी पत्ते उबालकर पानी ठंडा किया जाता है और मुंह का कुल्ला करके थूक दिया जाता है। यह मसूड़ों या गले की खराश का इलाज नहीं है।

चूल्हे पर स्टील के बर्तन में तुलसी पत्ते और पानी, लकड़ी के बोर्ड के पास ठंडे कुल्ले का कप।

ठंडा तुलसी पानी मुंह के कुल्ले के लिए

थोड़े तुलसी पत्ते पानी में उबालकर ठंडा कर लेना कई घरों का सादा मुंह कुल्ला है। गुनगुने पानी को घुमाकर थूक देना है। गर्म इस्तेमाल नहीं करना, और गिलास खत्म करके पीना भी नहीं। यह ताजगी का कुल्ला है, छाले, मसूड़ों का खून, खांसी या गले के दर्द का इलाज नहीं।

एक छोटा कप बनाएं और बचा पानी उसी दिन फेंक दें। मुंह चुभे तो छोड़ दें। छाला न भरे, बुखार हो, या निगलना मुश्किल हो तो डॉक्टर या दंत चिकित्सक चाहिए। बर्तन में और तुलसी डालना उस मुलाकात की जगह नहीं लेता।

सामग्री

  • ताजे तुलसी पत्तों की एक छोटी मुट्ठी
  • एक गिलास पानी
  • कुल्ले के लिए एक साफ कप

बनाने की विधि

  1. तुलसी पत्ते धोकर पानी में डालें और करीब पांच मिनट धीमी आंच पर उबालें।
  2. छानकर तब तक ठंडा करें जब तक कुल्ला केवल गुनगुना रह जाए, गर्म बिल्कुल नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • ठंडे तुलसी पानी का एक घूंट लेकर कुल्ला करें और थूक दें।
  • दिन में एक या दो बार, थोड़े दिनों तक, काफी है।
  • इसे काढ़े की तरह न पीएं, और गर्म रहते इस्तेमाल न करें।

मददगार आदतें

  • पहले कलाई या होंठ पर एक बूंद देख लें कि पानी ठंडा हो चुका है।
  • बचा कुल्ला उसी दिन का है। रात भर न रखें।

सावधानियाँ

  • कुल्ला थूक दें। यह गले की दवा नहीं और मसूड़ों का इलाज नहीं।
  • गर्म तुलसी पानी से कुल्ला न करें। आराम से गुनगुना होने तक रुकें।
  • छोटे बच्चों के लिए छोड़ दें। छाला, खून या बुखार रहे तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर को दिखाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या तुलसी का कुल्ला पीना है?

नहीं। ठंडा करके कुल्ला करें और थूक दें। यह खत्म करके पीने का काढ़ा नहीं है।

क्या गर्म पानी से कर सकते हैं?

नहीं। गर्म पानी मुंह जला सकता है। गुनगुना होने तक रुकें।

क्या तुलसी पानी मुंह के छाले ठीक कर देता है?

नहीं। यह केवल छोटा कुल्ला है। छाला बना रहे तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर को दिखाएं।
सभी देखें: दाँतों और मसूड़ों के घरेलू उपाय