पैरों के तलवों में जलन के घरेलू उपाय: ठंडे पानी में पैर, घी की मालिश और बी12 वाला खाना
तलवों में जलन या झनझनाहट, जो अक्सर रात को बढ़ती है, एक आम शिकायत है। पैरों में जलन के ये घरेलू उपाय ठंडे पानी में पैर डुबोने, घी या नारियल तेल से तलवों की हल्की मालिश (पादाभ्यंग), हवादार जूतों और बी12 वाले खाने से ठंडक और आराम देते हैं — साथ में डॉक्टर से असली कारण की जाँच ज़रूरी है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
पैरों में जलन क्यों होती है
पैरों में जलन अक्सर नसों के परेशान होने (न्यूरोपैथी) का संकेत है। आम कारणों में डायबिटीज़, विटामिन बी12 की कमी, थायरॉइड, शराब, किडनी की बीमारी और फंगल इन्फ़ेक्शन शामिल हैं। टाइट जूते और दिन भर खड़े रहना इसे बढ़ा सकते हैं।
आयुर्वेद में पैरों की जलन (पाद दाह) को पित्त से जोड़ा जाता है, और काँसे की कटोरी से घी की ठंडी मालिश सोने से पहले का पारंपरिक उपाय है।
सामग्री
- ठंडे (बर्फ़ीले नहीं) पानी का टब
- 1 छोटा चम्मच घी या नारियल तेल
- मुलायम सूती मोज़े
बनाने की विधि
- टब में नल का ठंडा पानी भरें।
- घी या नारियल तेल कमरे के तापमान पर रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- शाम को 10–15 मिनट पैर ठंडे पानी में रखें।
- अच्छी तरह सुखाकर सोते समय 5 मिनट घी या नारियल तेल से तलवों की मालिश करें।
- आराम लगे तो रात को ढीले सूती मोज़े पहनें।
मददगार आदतें
- हवादार जूते और सूती मोज़े पहनें; टाइट जूतों से बचें।
- दूध, दही, पनीर और अंडे जैसे बी12 स्रोत खाएँ (या सलाह हो तो सप्लीमेंट)।
- डायबिटीज़ हो तो शुगर नियंत्रण में रखें और रोज़ पैरों की जाँच करें।
सावधानियाँ
- सीधे बर्फ़ न लगाएँ; ख़ून का बहाव कमज़ोर हो तो बहुत ठंडे पानी से बचें।
- डायबिटीज़ वाले पानी का तापमान जाँचें और रोज़ कट या छाले देखें।
- शुगर, बी12, थायरॉइड और किडनी की जाँच के लिए डॉक्टर को दिखाएँ, ख़ासकर सुन्नपन, कमज़ोरी, घाव या ऊपर फैलते दर्द में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पैरों की जलन में जल्दी आराम कैसे मिले?
- ठंडे पानी में पैर डुबोकर फिर घी या नारियल तेल से हल्की मालिश अक्सर पैरों की जलन शांत करती है।
क्या पैरों में जलन विटामिन बी12 की कमी का संकेत है?
- हो सकता है। डायबिटीज़, थायरॉइड और दूसरी स्थितियाँ भी इसका कारण होती हैं, इसलिए ख़ून की जाँच उपयोगी है।
रात को पैरों में जलन क्यों होती है?
- नसों से जुड़ी जलन अक्सर रात को शांत लेटने पर ज़्यादा लगती है। लगातार लक्षणों पर डॉक्टर से बात करें।




