मेहंदी और नील से बालों को प्राकृतिक रूप से रंगने का तरीका: भूरे से काले रंग के लिए दो चरण
अमोनिया या पीपीडी के बिना सफ़ेद बाल ढकने हों, तो मेहंदी और नील से बालों को प्राकृतिक रूप से रंगने का तरीका सीखना फ़ायदेमंद है। अकेली मेहंदी नारंगी-लाल रंग देती है; उस पर नील लगाने से बाल भूरे से काले हो जाते हैं। यहाँ दो चरण वाली विधि है, एक-सा और टिकाऊ रंग पाने के टिप्स के साथ।

बालों को प्राकृतिक रूप से रंगने का तरीका: मेहंदी और नील साथ क्यों काम करते हैं
मेहंदी की पत्तियों में लॉसोन होता है, जो बालों के केराटिन से जुड़कर उन्हें लाल-नारंगी रंग देता है। नील की पत्तियों में नीला रंग होता है जो मेहंदी की परत के ऊपर बैठता है; दोनों मिलकर गरम भूरे से गहरे काले तक के रंग देते हैं। केमिकल डाई के उलट ये बालों का प्राकृतिक रंग उड़ाए बिना उन पर परत चढ़ाते हैं, और बालों को भराव और चमक भी देते हैं।
आयुर्वेद में मेहंदी (मेंधिका) को ठंडी माना गया है और परंपरा से इसे सिर की पित्त गर्मी शांत करने के लिए लगाया जाता है। बालों को कंडीशन करने और रंग गहरा करने के लिए अक्सर मिश्रण में आँवला पाउडर मिलाया जाता है।
सामग्री
- शुद्ध मेहंदी पाउडर (बालों की लंबाई के हिसाब से, आमतौर पर 100–200 ग्राम)
- शुद्ध नील (इंडिगो) पाउडर (मेहंदी जितना)
- गुनगुना पानी, 1–2 बड़े चम्मच आँवला पाउडर (वैकल्पिक)
- दस्ताने, पुराना तौलिया और प्लास्टिक कैप
बनाने की विधि
- मेहंदी (और आँवला) को गुनगुने पानी में मिलाकर दही जैसा गाढ़ा पेस्ट बनाएँ। ढककर 4–8 घंटे रखें ताकि रंग छूटे।
- नील को इस्तेमाल से ठीक पहले गुनगुने पानी और चुटकी भर नमक के साथ घोलें — रखा रहने पर नील की ताक़त घटती है।
इस्तेमाल का तरीका
- साफ़, सूखे बालों पर हिस्से-हिस्से में मेहंदी लगाएँ; ढककर 1–2 घंटे रखें, फिर सिर्फ़ पानी से धोएँ (शैम्पू नहीं)।
- तौलिये से सुखाकर उसी तरह नील का पेस्ट लगाएँ, 1–2 घंटे रखें और पानी से धो लें।
- 24–48 घंटे शैम्पू न करें; रंग दो दिन में गहरा होता है। हर 4–6 हफ़्ते में जड़ों पर दोबारा लगाएँ।
मददगार आदतें
- हल्के भूरे रंग के लिए दो चरणों की बजाय मेहंदी और नील एक ही पेस्ट में मिलाएँ।
- दाग़ से बचने के लिए माथे की हेयरलाइन और कानों पर थोड़ा तेल लगाएँ।
- मेहंदी कुछ लोगों के बाल रूखे करती है — अगले दिन तेल लगाएँ।
सावधानियाँ
- 48 घंटे पहले हमेशा बालों की एक लट और त्वचा पर पैच टेस्ट करें। पीपीडी वाले ‘काली मेहंदी’ प्रोडक्ट कभी न लगाएँ — इनसे गंभीर एलर्जी हो सकती है।
- मेहंदी के ऊपर केमिकल रंग का अनपेक्षित असर हो सकता है; मेहंदी वाले बाल बढ़ने दें या पहले एक लट पर जाँचें।
- शिशुओं को मेहंदी कभी न लगाएँ (जी6पीडी की कमी वाले शिशुओं के लिए यह ख़तरनाक हो सकती है)। गर्भवती महिलाएँ पैच टेस्ट के बाद सिर्फ़ शुद्ध, बिना मिलावट की मेहंदी इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मेहंदी और नील से सफ़ेद बाल काले हो सकते हैं?
- हाँ। दो चरण वाली विधि से सफ़ेद बाल आमतौर पर गहरे भूरे से काले हो जाते हैं। बहुत ज़िद्दी सफ़ेद बालों पर नील दोबारा लगाना पड़ सकता है।
क्या प्राकृतिक हेयर कलर सबके लिए सुरक्षित है?
- शुद्ध मेहंदी और नील आमतौर पर सुरक्षित हैं, पर एलर्जी हो सकती है। हमेशा पैच टेस्ट करें और केमिकल या पीपीडी मिले प्रोडक्ट से बचें।
मेहंदी का प्राकृतिक रंग कितने दिन टिकता है?
- रंगे हुए बालों पर मेहंदी स्थायी रहती है; नील हफ़्तों में थोड़ा फीका पड़ सकता है। जड़ों के नए बालों पर लगभग हर महीने दोबारा लगाना पड़ता है।






