नींद और तनाव10 मिनट
दो या तीन केसर के रेशों वाला गर्म दूध
एक छोटे कप गर्म दूध में सिर्फ दो या तीन केसर के रेशे और एक इलायची पड़ती है। यह शाम की शांत आदत है, केसर की बड़ी चुटकी नहीं, और नींद का इलाज भी नहीं।

केसर वाला दूध दो-तीन रेशों पर क्यों रुकता है
कई घरों में दिन के आखिर में गर्म दूध में केसर डाला जाता है। इस पन्ने की मात्रा जानबूझकर छोटी है। दो या तीन रेशे कप को हल्की खुशबू देते हैं। बड़ी चुटकी इस आदत से ज्यादा है और दूध कड़वा कर सकती है।
इलायची भी एक फाँक, हल्के से कुटी हुई, काफी है। जिन लोगों को दूध पच जाता है, उनके लिए कप आसान है। दूध भारी लगे तो कप और छोटा रखें या छोड़ दें। यह पेय नींद का इलाज नहीं करता। यह केवल शाम को एक नरम कप है।
सामग्री
- दो या तीन केसर के रेशे
- एक छोटा कप दूध
- एक हरी इलायची
बनाने की विधि
- दूध को गर्म करें, उबालें नहीं, और आँच से उतार लें।
- केसर के रेशे और कुटी इलायची डालकर कुछ मिनट ढक दें, फिर चलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- शाम को कप धीरे-धीरे पिएँ, लेटने से पहले अभी समय बचा हो।
- दो या तीन रेशों पर रुकें। रंग गहरा करने के लिए बड़ी चुटकी न डालें।
- बाकी केसर बंद डिबिया में रखें। एक कप में डिब्बा खत्म न करें।
मददगार आदतें
- कप ठंडा हो जाए तो हल्की आँच पर गरम कर लें। तेज उबाल से केसर की खुशबू घटती है।
- एक इलायची काफी है। ज्यादा मसाला छोटे कप को भारी बना देता है।
सावधानियाँ
- यह खाने की आदत है, नींद या किसी बीमारी का इलाज नहीं।
- वही दूध लें जो आपको रास आता हो। दिक्कत हो तो कप छोड़ दें।
- मात्रा दो या तीन रेशे ही रखें। जिन्हें केसर मना किया गया हो, वे यह कप न लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कप में केसर कितना डले?
- एक छोटे कप में दो या तीन रेशे। बड़ी चुटकी इस पन्ने की मात्रा नहीं है।
क्या केसर वाला दूध नींद की कमी ठीक करता है?
- नहीं। यह शाम की रसोई आदत है। यह नींद का इलाज नहीं और न चिकित्सक की जगह लेता है।
इलायची क्यों डाली जाती है?
- एक कुटी फाँक हल्की खुशबू देती है। यह कप की दूसरी दवा नहीं है।







