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जीभ पर सफ़ेद परत के घरेलू उपाय: जीभ साफ़ करना, गुनगुना पानी और हल्का भोजन

जीभ पर सफ़ेद परत आम तौर पर जीभ के छोटे-छोटे उभारों के बीच जमी मृत कोशिकाओं, खाने के कणों और बैक्टीरिया की होती है। जीभ पर सफ़ेद परत के ये घरेलू उपाय सुबह हल्के से जीभ साफ़ करने, गुनगुने पानी और ऑयल पुलिंग के साथ ऐसे हल्के भोजन पर टिके हैं, जिसे आयुर्वेद साफ़ जीभ से जोड़ता है।

तांबे की जीभी के पास गुनगुने पानी का कप, नींबू का टुकड़ा और सौंफ़ की छोटी ढेरी

सफ़ेद जीभ का क्या मतलब हो सकता है

पानी की कमी, मुँह से साँस लेना, धूम्रपान, शराब, सूखा मुँह और ठीक से ब्रश न करना जीभ पर परत के आम कारण हैं। मोटे सफ़ेद धब्बे जो पोंछने पर हटें और नीचे लाल, दुखती जगह छोड़ें, ओरल थ्रश हो सकते हैं — ख़ासकर एंटीबायोटिक के बाद, शिशुओं में या डायबिटीज़ वाले लोगों में।

आयुर्वेद में जिह्वा निर्लेखन (जीभ साफ़ करना) सुबह की दिनचर्या का हिस्सा है, और मोटी परत को आम, यानी भारी या देर रात के खाने से बचे अधपचे अंश का संकेत माना जाता है।

सामग्री

  • तांबे या स्टील की जीभी (या साफ़ चम्मच का उल्टा हिस्सा)
  • 1 गिलास गुनगुना पानी
  • ऑयल पुलिंग के लिए 1 छोटा चम्मच नारियल या तिल का तेल
  • खाने के बाद चबाने के लिए चुटकी भर सौंफ़ या कुछ करी पत्ते

बनाने की विधि

  1. जीभी धोकर हर बार सूखी रखें।
  2. उठते ही एक गिलास पानी गुनगुना कर लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • रोज़ सुबह कुछ खाने से पहले जीभ को पीछे से आगे की ओर 5–7 बार हल्के हाथ से साफ़ करें, हर बार जीभी धोते रहें।
  • 5 मिनट ऑयल पुलिंग करें, थूकें, फिर गुनगुना पानी धीरे-धीरे पिएँ।
  • खाने के बाद चुटकी भर सौंफ़ चबाएँ और दिन में दो बार ब्रश करें।

मददगार आदतें

  • रात का खाना जल्दी और हल्का रखें; भारी, देर का खाना अक्सर सुबह मोटी परत के रूप में दिखता है।
  • दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ।
  • धूम्रपान, शराब और बहुत मीठा कम करें।

सावधानियाँ

  • जीभ हल्के हाथ से साफ़ करें; ख़ून आए तो आप ज़्यादा दबा रहे हैं।
  • जो सफ़ेद धब्बे न हटें, परत के नीचे लाल दुखती जगह हो, परत दो हफ़्ते से ज़्यादा रहे या शिशु को थ्रश हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • डायबिटीज़ या कमज़ोर इम्युनिटी वाले लोग सफ़ेद जीभ की जाँच जल्दी करवाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जीभ की सफ़ेदी जल्दी कैसे हटाएँ?

जीभ साफ़ करें, ब्रश करें, पानी पिएँ और कुल्ला करें। साधारण परत अक्सर उसी दिन हल्की हो जाती है, पर रोज़ की आदत के बिना लौट आती है।

क्या सफ़ेद जीभ कमज़ोर पाचन का संकेत है?

आयुर्वेद परंपरा से मोटी परत को सुस्त पाचन का संकेत मानता है। आधुनिक नज़र से पानी की कमी और मुँह की सफ़ाई सबसे आम कारण हैं।

जीभी बेहतर है या ब्रश से जीभ साफ़ करना?

दोनों मदद करते हैं। बहुत से लोगों के लिए जीभी से परत आसानी से हटती है और उबकाई भी कम आती है।
सभी देखें: दाँतों और मसूड़ों के घरेलू उपाय